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दोगुनी आय होना तो दूर, घाटे में उपज बेच रहे अन्नदाता

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दोगुनी आय होना तो दूर, घाटे में उपज बेच रहे अन्नदाता
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घाटे का सौदा साबित हो रही खेती
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। दोगुनी आय का सपना दिखाने वाली सरकार किसानों को बढ़ाए गए समर्थन मूल्य का भी लाभ अब तक नहीं दिला पाई है। इसकी वजह खरीद केंद्रों का नहीं खुल पाना है। ऐसे में किसान खुली मंडी में सस्ते दामों पर अपनी उपज बेचने को मजबूर है।
किसानों को अन्नदाता कहा जाता है, लेकिन मौजूदा दौर में किसानों की हालत अच्छी नहीं है। इसे देख देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय दोगुना करने का संकल्प लिया है। बुंदेलखंड के किसानों की बेहतरी के लिए इजराइली खेती को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इन सब प्रयासों के बाद भी किसानों की माली हालत में सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। बीते महीनों में तो खरीफ फसल का समर्थन मूल्य बढ़ाकर डेढ़ गुना कर दिया गया है। इसका लाभ भी किसानों को फिलहाल मिलता नजर नहीं आ रहा है। पिछले साल उड़द के खरीद केंद्र खोलकर किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ पहुंचाने की कोशिश हुई थी। इस बार खरीद केंद्र खोलने पर अब तक निर्णय नहीं हो सका है। इसके चलते किसानों को समर्थन मूल्य के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि गल्ला मंडी में अच्छी क्वालिटी का उड़द 3800 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास बिक रहा है जबकि सरकार ने उड़द का समर्थन मूल्य 5600 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है। इस तरह किसानों को करीब 1800 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके बाद भी सरकार के नुमाइंदे चुप हैं। इससे किसानों के चेहरे पर रौनक नहीं आ पा रही है।
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लागत भी नहीं निकली
पांच एकड़ में 36 किलो उड़द बोया था, जिसकी उपज चार क्विंटल हुई। बारिश में फसल दागी हो गई। जिससे उसकी बोली 2350 रुपये प्रति क्विंटल में टूटी। ऐसे में उपज की लागत भी नहीं निकली।
प्यारेराजा, ग्राम उमरिया
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खरीद केंद्रों का कब तक करें इंतजार
खरीद केंद्र अब तक खुल जाने चाहिए। किसानों को रबी फसल की बुवाई करनी है, इसलिए खरीफ फसल रोक नहीं सकते। खाद, बीज का भी इंतजाम करना है। खरीद केंद्रों पर समय से पैसा भी नहीं मिलता है।
जमना, ग्राम कल्यानपुरा
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घाटे में बेच दी उपज
किसानों के लिए योजनाएं तो बनती हैं लेकिन उनका समय से क्रियान्वयन नहीं होता। खरीद केंद्र को ही ले लीजिए, यदि समय से खुल जाते तो उन्हें 3800 रुपये में उपज नहीं बेचनी पड़ती।
नारायण सिंह, ग्राम कल्यानपुरा
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दवाई व बीज के पैसे भी नहीं निकले
दागी उपज के दाम भी नहीं मिल रहे
बारिश में उड़द की फसल दागी हो गई है। जिससे उसका दाम सही नहीं मिल रहा है। खरीफ फसल में दवाई व बीज का पैसा भी नहीं निकला है।
सुंदर
ग्राम रसोई
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केंद्र खुलने के लिए रोका मक्का
इस बार मक्का का केंद्र खुलने की चर्चा है, इसलिए मक्का रोक लिया है। लेकिन अब तक यह पता नहीं चला कि केंद्र कब तक खुलेंगे? ऐसे में एक मन करता कि मंडी में ही उपज बेच दें।
जाहर सिंह
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सत्तर प्रतिशत उड़द हो गई दागी
बारिश में 70 प्रतिशत उड़द की फसल दागी हो गई है, केवल 30 प्रतिशत ही उपज ठीक आ रही है। मंडी में दो हजार से लेकर अधिकतम तीन हजार आठ सौ रुपये तक उड़द बिक रहा है।
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निर्मल जैन
व्यवसायी
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ये है समर्थन मूल्य
उड़द 5600 रुपये, मूंग 6975 रुपये, मूंगफली 4890 रुपये, सोयाबीन 3399 रुपये, तिल 6249 रुपये, मक्का-1700 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। बता दें कि जिले में मक्का 27915 हेक्टेयर, उड़द 192465 हेक्टेयर, मूंग 7916 हेक्टेयर, सोयाबीन 15838 हेक्टेयर, तिल 8792 हेक्टेयर, मूंगफली 8645 हेक्टेयर में बोई गई थी।
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खरीद केंद्र के संबंध में नहीं कोई जानकारी
खरीद केंद्र खोलने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इस संबंध में अभी तक कोई भी पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।
रमेश चंद्र गुप्ता
सहायक निबंधक
सहकारी समितियां
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