चलाया अभियान, 350 किलोग्राम पॉलिथीन पकड़ी
छापे की खबर लगते ही, दुकानदारों ने इधर-उधर किया स्टाक
व्यापारियों को दी गई सख्त हिदायत
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। एक दिन बाद ही सही प्रशासन पालिथीन पर प्रतिबंध को लेकर चेता और आज पूरे दिन बाजारों में छापेमारी कर दुकानों से पालिथीन बरामद की गई। इस कार्रवाई से दिन भर दुकानदारों में हड़कंप रहा। कुछ कारोबारियों ने तो छापे से पहले ही अपना स्टाक इधर उधर कर दिया। व्यापारियों को अफसरों ने सख्त हिदायत दी कि रोक के बाद पालिथीन मिलने पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
15 जुलाई से प्रदेश में पॉलीथीन के उपयोग को पूरी तरह से प्रबंधित किया जाना था, पर जिला प्रशासन व नगर पालिका के अधिकारियों द्वारा पूर्व में न तो ऐसी कोई योजना बनाई और न ही कार्रवाई की गई, जिससे शासन की मंशा के अनुरुप 15 जुलाई से जनपद में पॉलिथीन के उपयोग पर रोक लग सके। एक दिन बाद सोमवार से जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह के निर्देशन में जिला प्रशासन व नगर पालिका का पॉलिथीन के खिलाफ अभियान शुरू हो गया है। सोमवार को अभियान साढ़े चार बजे से सदर उपजिलाधिकारी घनश्याम वर्मा के नेतृत्व में सदर पुलिस क्षेत्राधिकारी हिमांशु गौरव व नगर पालिका अधिशासी अधिकारी अवनींद्र कुमार की उपस्थिति में दुकानों व मॉलों में छापेमारी करके पॉलिथीन जब्त की गई। कार्रवाई घंटाघर से शुरूकी गई। शुुरुआत में ही घंटाघर पर एक दुकान की तीसरी मंजिल पर 350 किलोग्राम पॉलिथीन पकड़ी गई। अभियान घंटाघर से नझाई बाजार तक चलाया गया, इसमें अन्य दुकानों से करीब 25 किलोग्राम ही पॉलीथीन जब्त हुई। कुल मिलाकर इस अभियान में करीब 373 किलोग्राम पॉलीथीन जब्त की गई। इसके साथ ही जिन व्यापारियों के पास से पॉलीथीन जब्त की गई, उन व्यापारियों पर कुल मिलाकर 75 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। इस छापेमारी अभियान में पुलिस कर्मी व नगर पालिका के अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल रहे।
चोरी छिपे कर रहे उपयोग
बाजार में लगभग सभी छोटी-बड़ी दुकानों पर पॉलिथीन का उपयोग किया जा रहा है। 15 जुलाई से पहले तक सामान्य रुप से दुकानों पर पॉलिथीन बिकती रही और सामान रखने के लिए इसका उपयोग भी होता रहा है। अभी तक किसी भी दुकानदार ने खुद ही अपनी पॉलिथीन को प्रशासन को जमा नहीं किया गया है और न ही अधिक मात्रा में पॉलिथीन पकड़ी गई है। इसका सीधा मतलब है कि वर्तमान में दुकानदारों के पास पॉलिथीन का भंडारण है। सोमवार को बाजार में यह देखने को भी मिला। अधिकांश दुकानों पर पॉलिथीन का उपयोग होता देखा गया है, लेकिन सभी दुकान चोरी छिपे पॉलिथीन में सामान रखकर बेच रहे थे। वहीं, कुछ दुकानों व ठेले वालों में जागरूकता भी देखने को मिली है। उन्होंने अपनी दुकान में सूचना चस्पा कर दी है कि पॉलिथीन प्रतिबंधित है और सामान के लिए अपना थैला लेकर आएं। वहीं, कुछ दुकानदारों ने यह भी बोला कि ग्राहक अपने साथ थैला लेकर नहीं आते है, दुकानदारी चलाने के लिए मजबूरन पॉलिथीन का उपयोग करना पड़ रहा है। जब तक काम चल रहा है,चला रहे हैं। केवल दुकानदार ही नहीं कुछ ग्राहकों से भी बात की गई, कुछ लोगों ने बोला कि जब तक पॉलिथीन मिल रही है, तो उसका उपयोग करेंगे, इसके बाद जब मिलना बंद हो जाएगा तो खुद व खुद ही उपयोग करना बंद कर देंगे। कुछ लोगों ने कहा कि सरकार को पॉलिथीन बनाने वालों पर कार्रवाई करनी चाहिए और फैक्ट्रियों में ताले डाल देने चाहिए, जब पॉलिथीन बनेगी ही नहीं तो रोक तो लग ही जाएगी। इसके अलावा कुछ ग्राहकों ने इस बात को स्वीकारा भी पॉलिथीन से काफी नुकसान है, धीरे-धीरे थैला साथ रखने की आदत हो जाएगी।
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कभी नहीं किया दुकान में पॉलिथीन का उपयोग
मेरा मोबाइल का शो-रुम खुले हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत गया है, अभी तक मेरे शोरुम में पॉलिथीन का उपयोग नहीं किया गया है। पहले कागज के थैले का उपयोग किया जाता था और हाल ही में कपड़े के थैले का उपयोग कर रहे हैं। थैलों पर बेटी बचाव व बेटी पढ़ाओ और स्वच्छ भारत मिशन का जागरूकता स्लोगन भी बना हुआ है। जनता में जागरूकता की कमी है, इसीलिए जनता खुद पॉलिथीन के उपयोग को अपने दैनिक जीवन से दूर नहीं कर पा रही है, जबकि पॉलिथीन से नुकसान इंसानों को ही है।
संकेत विश्वारी, स्थानीय दुकानदार।