ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ गईं औषधि निरीक्षक
ललितपुर। मेडिकल की दुकान का लाइसेंस बनवाने में रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ी गईं औषधि निरीक्षक को लखनऊ ले जाने के लिए बिजिलैंस टीम को सीजेएम न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड मिल गईं। बिजिलैंस टीम ने ट्रांजिट रिमांड लेने के लिए पकड़ी गई औषधि निरीक्षक को सीजेएम न्यायालय में पेश किया था।
ललितुपर में करीब दो सैकड़ा से अधिक मेडिकल स्टोर की दुुकानें संचालित हो रही हैं। मेडिकल स्टोर संचालित करने के लिए निर्धारित मानक पूरे करते हुए नियमत: लाइसेंस लेने के लिए औषधि विभाग में आवेदन करना होता है। इसके बाद औषधि निरीक्षक द्वारा उक्त स्थल और लाइसेंस प्राप्त करने वाले आवेदक का सत्यापन किया जाता है। इसके बाद निर्धारित मानक पूरे मिलने के बाद औषधि निरीक्षक द्वारा मेडिकल स्टोर के लिए उक्त आवेदक को लाइसेंस जारी किया जाता है। इसके बाद उक्त आवेदक लाइसेंस के आधार पर मेडिकल स्टोर संचालित कर सकता है। लेकिन, जनपद में मेडिकल स्टोर के लिए आवेदकों द्वारा जब लाइसेंस के लिए आवेदन किया जाता है तो सत्यापन के दौरान तमाम प्रकार की कमियां बताकर अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा उक्त आवेदकों से मनमाना अवैध रूप से सुविधा शुल्क वसूला जाता है। जब कोई आवेदक उक्त विभागीय अधिकारियों की मंशा पूरी नहीं करता है तो उसे लाइसेंस में कमियां बताकर आवेदन निरस्त कर दिया जाता है और जो भी अधिकारियों की यह मंशा पूरा कर देता है, उसे लाइसेंस आसानी से बिना किसी परेशानी के जारी कर दिया जाता है।
इसी प्रकार के एक मामले में रिश्वत मांगने की शिकायत पर झांसी की बिजिलैंस टीम ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित औषधि एवं खाद्य प्रशासन विभाग कार्यालय में छापा मारा और औषधि निरीक्षक प्रीति सिंह को रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था और टीम द्वारा उक्त महिला अधिकारी के खिलाफ थाना कोतवाली पुलिस में 7/13 (1)डी सपठित धारा 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। इसके बाद बिजिलैंस टीम ने उक्त महिला अधिकारी को लखनऊ स्थित बिजिलैंस न्यायालय ले जाने के लिए सतर्कता अनुष्ठान झांसी के निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने ड्रग इंस्पेक्टर को सीजेएम न्यायालय में पेश करते हुए ट्रांजिट रिमांड मांगी, इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आनंद प्रकाश सिंह ने उक्त मामले में बिजिलैंस टीम को ड्रग इंस्पेक्टर को लखनऊ ले जाने के लिए 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड दे दी। ट्रांजिट रिमांड मिलते ही बिजिलैंस की टीम उक्त महिला अधिकारी को महिला आरक्षियों की मदद से लखनऊ ले गई। बिजिलैंस टीम द्वारा ड्रग इंस्पेक्टर को जैसे ही न्यायालय लेकर पहुंची वहां मौजूद अधिवक्ता और वादकारियों की भीड़ जमा हो गई और सभी उक्त महिला अधिकारियों के रिश्वत लेने के बारे में बातें करते रहे।
फोटो खींचने पर महिला आरक्षी ने छीना मोबाइल
बिजिलैंस टीम द्वारा शुक्रवार को जब ड्र्ग इंस्पेक्टर प्रीति सिंह को सीजेएम न्यायालय ले जाया गया तो वहां मौजूद एक व्यक्ति पकड़ी गई ड्रग इंस्पेक्टर की फोटो लेने लगा। यह देख बिजिलैंस टीम के साथ मौजूद एक महिला आरक्षी ने उक्त व्यक्ति को मोबाइल छीन लिया और मोबाइल से ली गई फोटो डीलिट कर दी। इस पर उक्त फोटो लेने वाला व्यक्ति ड्रग इंस्पेक्टर के लिए अपशब्द कहते हुए गुस्साए अंदाज में बाहर चला गया। उक्त घटनाक्रम से ऐसा प्रतीत होता है कि वह व्यक्ति कोई मेडिकल स्टोर वाला होगा और ड्रग इंस्पेक्टर से सताया हुआ होगा, इसलिए उसने महिला अधिकारी के पकड़े जाने पर पहले उसकी फोटो ली और बाद में ड्रग इंस्पेक्टर के खिलाफ झल्लाते हुए अपशब्द कहे।