छात्रों ने सीखा बिना बर्तन भोजन बनाना
ललितपुर। राजकीय इंटर कालेज ललितपुर में माध्यमिक विद्यालयों के स्काउट गाइड छात्र-छात्राओं का तीन दिवसीय द्वितीय सोपान जांच शिविर समारोह संपन्न हुआ। इस तीन दिवसीय शिविर में स्काउट प्रार्थना, ध्वजगीत, तम्बू निर्माण, गांठ बंधन, पुल निर्माण, प्राथमिक चिकित्सा, बिना बर्तन के भोजन बनाने का प्रशिक्षण के साथ ही स्काउट की सभी तकनीकी जानकारी प्रदान की गई एवं छात्र-छात्राओं के ज्ञान की जांच भी की गई।
शुक्रवार को शिविर के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे जिला विद्यालय निरीक्षक वीरेंद्र कुमार दुबे ने शिविरार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में स्काउट गाइड शिविरों का बहुत ही महत्व होता है। जो छात्र-छात्राएं विद्यार्थी जीवन में सदचरित्र, विनम्र, अनुशासनप्रिय, परिश्रमी एवं सेवाभाव से युक्त होते हैं। वे प्रतिस्पर्धा के इस युग में अध्ययन के साथ-साथ स्काउट गाइड जैसे शिविरों में जीवन जीने की कला सीखते हैं तथा समाज में पढ़ाई समाप्त करने के बाद सफल नागरिक बनते हैं। उन्होंने कहा कि आज राष्ट्र को संस्कारवान, चरित्रवान तथा ज्ञानवान युवाओं की आवश्यकता है। ऐसे युवा स्काउट गाइड जैसे शिविरों के माध्यम से तैयार किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक इंटर कालेज में अनिवार्य रूप से स्काउट गाइड योजना लागू की जायेगी जिससें छात्र-छात्रायें आदर्श नागरिक बन सकें। इसी संबोधन के क्रम में जिला स्काउट कमिश्नर डा.ओमप्रकाश शास्त्री ने कहा कि देश में आजादी के पश्चात अनुशासन एवं सेवाभाव से परिपूर्ण नागरिकों के निर्माण के लिए विद्यालयों में स्काउट गाइड की स्थापना की गई थी।
लार्ड बेडिन पावेल ने समाज में उच्च नैतिक मूल्यों की स्थापना के लिए स्काउट गाइड अंतर्राष्ट्रीय संगठन की स्थापना की थी। उन्होंने राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त छात्र-छात्राओं को जनपद का गौरव बताते हुए उनसे अपील की कि वे अपनी पढ़ाई के साथ सेवाभाव, अनुशासन, नैतिक एवं चारित्रिक मूल्यों की स्थापना में योगदान करें। जिससे भविष्य में उन्हें सेवा के क्षेत्र में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त हो सके। राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि भारत राष्ट्र की संस्कृति में गुरु-शिष्य के पारस्परिक संबंधों का बहुत महत्व था। दुर्भाग्यवश आज यह संबंध समाप्त होते जा रहे हैं। भारत राष्ट्र की ज्ञान संपदा को पुन: स्थापित करना होगा। इसी क्रम में कार्यक्रम का अध्यक्ष कर रहीं जीजीआईसी प्रधानाध्यपिका पूनम मलिक, जिला गाइड कमिश्नर डा.जनक किशोरी शर्मा, जिला सचिव सजन कुमार शर्मा आदि ने अपने विचार रखे। अंत में समापन समारोह को संबोधित करते हुए जिला कोषाध्यक्ष जयशंकर प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि जनपद के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने तीन दिवसीय शिविर में प्रतिभाग कर पूर्ण अनुशासन में रहकर स्काउट गाइड का तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त किया। अब ये छात्र-छात्रायें राज्यपाल पुरस्कार हेतु आवेदन करने के पात्र हो गये हैं। इस दौरान मुख्य रूप से डा. राजीव निरंजन, पूर्व प्रधानाचार्य डीपी वर्मा, अरुण शर्मा, रज्जूलाल ताम्रकार, बृजनंदन लिटौरिया, तिलक राम, कृष्ण कुमार सिंह, उमाकांत मौर्य, शिल्पी श्रीवास्तव, सोनम शर्मा, मीरा देवी वैद्य, रानी, साधना झा, विनोदनी जार्ज, आशा चौहान, रूपाली दीक्षित, अंजुम खान, जिला संगठन कमिश्नर गाइड मीना चौहान, इमरत लाल अहिरवार एवं स्काउट गाइड के शिक्षकगण उपस्थित रहे।