आवास पूरे न बनने पर ग्राम विकास अधिकारी निलंबित
ललितपुर। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अपने उच्च अधिकारियों के आदेश की अवहेलना करने से डर नहीं रहे हैं। जिला विकास अधिकारी विद्यानाथ शुक्ला ने ग्राम करोंदा और छपरट में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत द्वितीय किस्त जारी होने के बाद भी अब तक 11 लाभार्थियों के आवास पूर्ण नहीं होने पर और ग्राम भौंडी में तीन लाभार्थियों की धनराशि जारी होने के बाद भी आवास पूर्ण नहीं होने पर ब्लाक महरौनी के ग्राम विकास अधिकारी पवन कुमार रिछारिया को निलंबित कर दिया है। उधर, ब्लाक बिरधा और मड़ावरा के ऐसे 17 ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों का वेतन रोक दिया गया है, जो समीक्षा बैठकों में गैर हाजिर रहे हैं। मुख्य विकास अधिकारी वीरेंद्र प्रसाद पांडेय ने खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि सभी गैरहाजिर ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों की बैठक बुलाई थी, ताकि क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की जा सके, लेकिन 17 ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ऐसे रहे जो मीटिंग में पहुंचे ही नहीं। इनमें ब्लाक बिरधा के ग्राम पंचायत अधिकारी आनंद सोनी, कुसुम उपाध्याय, मेनका श्रीवास्तव, मनीषा वर्मा, रत्नेश, श्रीकृष्ण सहारिया, रामेश्वरी शुक्ला, फरहाना, वीरेंद्र प्रताप सिंह, अवधेश प्रताप, अजय प्रताप, जोधन सिंह और ब्लाक मड़ावरा के नीरज कुमार, सौरभ यादव व अनूप केसरी शामिल हैं। इसी तरह ब्लाक महरौनी के ग्राम पंचायत अधिकारी आलोक वर्मा और सैफ खान अनुपस्थित रहे हैं। आवास निर्माण में बरती जा रही लापरवाही की जांच के लिए डीआरडीए के सहायक अभियंता भागीरथ चौधरी को नामित किया गया है। उनसे 15 दिन में जांच रिपोर्ट मांगी गई है।