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कोई चिकित्सक तो कोई बनना चाहता इंजीनियर

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कोई चिकित्सक तो कोई बनना चाहता इंजीनियर
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एसडीएस कान्वेंट स्कूल में 10 वी की छात्रा स्नेहा जैन ने 95.33 अंक अर्जित कर कॉलेज व जिला टॉप किया है। उसके पिता किराना व्यवसायी धर्मेंद्र जैन का कहना है कि वह चिकित्सक बनकर लोगों की सेवा करना चाहती है। नीट की कोचिंग के लिए कोटा चली गई है। हाईस्कूल में बेहतर अंक पाने के लिए पांच घंटे तक पढ़ाई की है। उसने हाईस्कूल में मिले अंक पर संतोष जाहिर किया है। राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है। क्रिकेट देखना व संगीत सुनना पसंद है। कंप्यूटर, बायोलाजी, गणित विषय उन्हें बेहद पसंद हैं।
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बनना चाहतीं हैं इंजीनियर
महरौनी। संत लारेंस स्कूल की 10 वीं की छात्रा चारू साहू निवासी सैदपुर ने बताया कि वह इंजीनियरिंग आईआईटी से करना चाहती है। इसके लिए कोटा से कोचिंग करने का मन बना लिया है। मुझे जो कामयाबी मिली है, उसका श्रेय मेरे बड़े भाई, मां, पिता व अध्यापको को जाता है। मेरे भाई निशान्त साहू इंजीनियरिंग बेंगलोर तमिलनाडु से कर रहे हैं। पिता गल्ले का कारोबार करते है। उसने 600 में 572 अंक प्राप्त कर विद्यालय व जिला टॉप किया है।
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बनना चाहता इंजीनियर
एसडीएस कान्वेंट स्कूल में अध्ययनरत 12 वीं के छात्र अनिकेत आईआईटी से इंजीनियरिंग करना चाहता है। इसके लिए कोटा से कोचिंग करने की तैयारी है। भौतिक व गणित पसंदीदा विषय हैं। क्रिकेट खेलना व देखना दोनों ही पसंद हैं। राजनीति में कोई रूचि नहीं है। उसने निर्माण कार्यो में चल रहे कमीशन के खेल पर नाराजगी प्रकट करते हुए इसे बंद करने पर जोर दिया है। मौजूदा शिक्षा व्यवस्था से संतुष्ट हैं। पिता जसवंत सिंह लेखपाल का कहना है कि लड़के ने इंजीनियरिंग पर पूरा ध्यान केंद्रित कर रखा है। विश्वास है कि उसे जरूर सफलता मिलेगी।
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