खसरा और रुबेला से बचाव के लिए होगा टीकाकरण
नौ माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को लगाया जाएगा टीका
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बच्चों को जानलेवा बीमारियों खसरा और रुबेला से बचाव के लिए जल्द ही एमआर का टीका नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत शुरू किया जाना है, जिसके तहत नौ माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को खसरा रुबेला टीकाकरण अभियान के तहत एक टीका दिया जाएगा। यह एक ही टीका बच्चों को खसरा और रुबेला बीमारियों से बचायेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह ने आयोजित एक कार्यशाला में इस जानकारी से अवगत कराया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, डा. हुसैन खान ने बताया कि खसरा एक जानलेवा रोग है, जो वायरस से फैलता है। खसरा रोग के कारण बच्चों में विकलांगता हो सकती है या उसकी असमय मृत्यु हो सकती है। भारत मेें हर वर्ष 49,200 बच्चों की मृत्यु खसरे से हो जाती है, उन्होंने बताया कि रुबेला भी एक वायरस से फैलने वाला संक्रामक रोग है, जिसमें बुखार, मिचली, आंखों में लालपन के लक्षण दिखाई पड़ते हैं, जोड़ों में दर्द हो सकता है इसके अतिरिक्त गर्भावस्था के आरंभ में रुबेला वायरस से संक्रमित महिला में जन्मजात रुबेला सिंड्रोम हो सकता है, जो उसके गर्भ में पलने वाले भ्रूण और नवजात शिशु के लिए बेहद गंभीर हो सकता है। एमआर का टीका इन दोनों बीमारियों से बच्चों को बचाता है। अभियान के दौरान एमआर का टीका जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केन्द्रों एवं स्कूलों में निशुल्क लगाया जायेगा। कार्यशाला में ब्लाकों के सभी चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजरों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला में सभी को विस्तार से अभियान की तैयारियों के निर्देश दिये गये। सभी ब्लाकों पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता एएनएम आशा/आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को एमआर टीकाकरण अभियान के विषय में प्रशिक्षण कराने के निर्देश भी दिये। कार्यशाला में विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्विलेंस ऑफीसर भाग्यश्री माहेश्वरी, यूनीसेफ के प्रतिनिधि डा.अरविंद शर्मा, यूएनडीपी के प्रतिनिधि अरसद बेग ने भी प्रशिक्षण में सहभागिता की। इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.जेएस बख्शी, डा. डीसी दोहरे, डा राजेश भारती और डा. देशराज दोहरे आदि उपस्थित रहे।