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सात वर्ष पूर्व बाइक की लूट में तीन को दस-दस वर्ष की सजा

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लूट में तीन को दस-दस साल की सजा
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ललितपुर। सात साल पहले तेरा गांव के पास बाइक लूट के मामले में बृहस्पतिवार को फैसला आया। अपर जिला सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने मामले में अलग-अलग गांव के तीन अभियुक्तों को दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास और प्रत्येक पर 15-15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं वाहन बरामदगी के मामले में अदालत ने अभियुक्त जंडैल को तीन सजा की सजा सुनाई है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने बताया कि थाना बार अंतर्गत ग्राम डुलावन निवासी उत्तम चंद पुत्र दयाली ने सात वर्ष पहले थाना बानपुर को दी तहरीर में बताया था कि सात अक्तूबर 2011 की रात में वह और उसके गांव के ही रामजीवन पुत्र सुरेश के साथ ललितपुर से अपने गांव डुलावन वापस जा रहे थे। तेरा गांव के पास बाइक सवार तीन लोग आए और उसकी बाइक रोक ली। एक बदमाश ने तमंचा दिखाकर मारपीट करते हुए उसकी बाइक छीनकर ललितपुर रेलवे क्रॉसिंग के पुल की ओर भाग गए।
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मामले में थाना बानपुर में प्रार्थनापत्र दिया, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। जिसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक करने के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद तत्कालीन एसओजी प्रभारी एनएल सिंह व बानपुर थानाध्यक्ष सुजीत वर्मा व पुलिस कर्मियों ने 16 अगस्त 2011 को मुखबिर की सूचना पर ग्राम उदयपुरा स्थित बंगलन तिराहे से ग्राम मउमाफी निवासी जंडैल सिंह उर्फ भल्ले पुत्र शंकर सिंह ठाकुर को दबोच लिया था। जिसके कब्जे से लूटी हुई बाइक बरामद की गई। जंडैल ने बताया कि वह बाइक उसने अपने साथी ग्राम धुरवारा निवासी राजेंद्र सिंह व ग्राम चीरा निवासी सुनील उर्फ भूरा कबूतरा के साथ मिलकर छीनी थी। और उसने बाइक की नंबर प्लेट पलटकर लगा दी थी।
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पुलिस ने इस मामले में धारा 411 की बढ़ाई थी। फिर 22 अक्टूबर 2011 को दैलवारा-भारौनी तिराहा से सुनील कबूतरा को और एक नबंवर 2011 को राजेंद्र सिंह को एक बाइक, तमंचा और कारतूस समेत पकड़ लिया था। जिला जेल में नौ नवंबर 2011 को पीड़ित द्वारा तीनों आरोपियों को पहचाना था। पुलिस ने उक्त मामले में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए थे, तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए तीनों अभियुक्त, जंडैल सिंह, राजेंद्र सिंह व सुनील उर्फ भूरा को लूट के उक्त मामले में दोषी पाते हुए दस-दस वर्ष की सजा और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं अभियुक्त जंडैल सिंह को बाइक बरामदगी की धारा 411 में दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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