गेहूं खरीद में महिला कृषकों को नहीं लगाने होंगे नंबर
ललितपुर।
रबी विपणन 2018-19 में गेहूं क्रय की अवधि एक अप्रैल से 15 जून तक प्रभावी रहेगी। इसके लिए किसानों को सुविधा प्रदान करने के लिए गेहूं क्रय केंद्र सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक खुले रखे जाएंगे। रविवार और राजपत्रित अवकाशों को छोड़कर शेष कार्य दिवसों में केंद्र खुले रहेंगे। इसके साथ ही इस बार महिलाओं को प्रोत्साहन देने के लिए यदि जमीन के प्रपत्र महिला के नाम पर हैं और महिला कृषक क्रय केंद्र पर गेहूं विक्रय करने पहुंचती हैं तो उनको वरीयता देते हुए बिना नंबर के उसका गेहूं क्रय किया जा सकेगा।
डीएम मानवेंद्र सिंह ने बताया है कि गेहूं क्रय केंद्रों पर गेहूं की विक्री के लिए कृषक को खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। यह पंजीकरण कृषक द्वारा स्वयं अथवा जनसूचना केंद्र के माध्यम से अथवा साइबर कैफे के माध्यम से कराया जा सकेगा। क्रय केंद्रों पर कृषकों को सुविधा उपलब्ध कराने व निर्धारित गुणवत्ता का गेहूं क्रय करने के उद्देश्य से कृषकों के गेहूं की उतरायी, छनाई व सफाई में आने वाला व्यय 10 रुपये प्रति क्विंटल कृषक द्वारा स्वयं वहन किया जाएगा, लेकिन इस निमित कृषक को 10 रुपए प्रति क्विंटल की दर आरटीजीएस/एकाउंटपेयी चैक के माध्यम से उसके बैंक एकाउंट में भुगतान क्रय एजेंसी द्वारा किया जाएगा। कृषक का गेहूं गीला अथवा गंदा होने पर क्रय केंद्र पर सुखाने व साफ करने का पर्याप्त अवसर दिया जाएगा। यदि उक्त गेहूं की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं आ पाती है एवं कृषक संतुष्ट नहीं है तो वह तहसील स्तर पर कार्यरत क्षेत्रीय विपणन अधिकारी के यहां उक्त की अपील कर सकता है। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति विलंबतम 48 घंटे में कृषक के सम्मुख विश्लेषण कर निर्णय लेगी। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी इस समिति के अध्यक्ष, मंडी सचिव के समिति/ग्रेडर तथा केंद्रीय प्रभारी इस समिति के सदस्य होंगे, इसके साथ ही दो स्वतंत्र कृषक भी इस समिति में सदस्य के रूप में शामिल होंगे। क्रय केंद्र पर किसानों से गेहूं खरीद जोतबही/खाता नंबर कंप्यूटराइज खतौनी, फोटोयुक्त पहचान पत्र यथासंभव आधारकार्ड के आधार पर की जाएगी। चकबंदी के अंतर्गत ग्रामों में चकबंदी संबंधी संगत भूलेख यथा संभव आधारकार्ड/फोटोयुक्त पहचान पत्र के आधार पर की जाएगी। सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। सप्ताह में दो दिन मंगलवार व शुक्रवार लघु/सीमांत कृषकों को गेहूं बेचने के लिए आरक्षित रखे जाएंगे। किसानों के पास उपलब्ध जोतबही, खसरा खतौनी इत्यादि प्रपत्रों में अंकित भूमि से प्रति हेक्टेयर उत्पादकता के आधार पर आंकलित मात्रा पर गेहूं खरीद की जाएगी। यदि कृषक के पास खसरा उपलब्ध नहीं है, तो कृषक द्वारा गेहूं के उपज के संबंध में लिखित रूप से दिए प्रमाण पत्र के आधार पर गेहूं क्रय किया जाएगा।