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पालिका के कार्यो में अध्यक्ष पति व ठेकेदार का दखल अनुचित

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पालिका के कार्यों में अध्यक्ष पति व ठेकेदार का दखल अनुचित
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अध्यक्ष पति एवं सेवा प्रदाता ठेकेदार पर अनुभागों की पत्रावली देखने का है आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिला मजिस्ट्रेट ने नगर पालिका परिषद अध्यक्ष के पति और आउट सोर्सिंग ठेकेदार के प्रशासनिक कार्यों में हस्तक्षेप को निकाय की प्रतिष्ठा और गरिमा के विपरीत माना है। इस संबंध में उन्होंने पालिकाध्यक्ष को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि प्रशासकीय कार्यों में किसी बाहरी व्यक्ति का हस्तक्षेप पूर्णतया नियमों के विपरीत है।
इस बार नगर पालिका परिषद अध्यक्ष रजनी साहू निर्वाचित हुई हैं तो वहीं कई वार्डो में भी सभासद महिलाएं बनकर पहुंची हैं। इनमें से कइयों के पति व संबंधी पालिका में सक्रिय बने रहते हैं। जब पालिका की पहली बोर्ड बैठक हुई तो सभासदों के पतियों की उपस्थिति समाचार पत्रों की सुर्खियां बन गई थी। इस पर डीएम मानवेंद्र सिंह ने अगली बोर्ड बैठक में सगे संबंधियों की उपस्थिति पर रोक लगा दी थी। इससे कुछ दिनों तक सगे संबंधी बोर्ड बैठक में नदारद रहे, लेकिन डीएम का ध्यान हटते ही वे दोबारा पालिका में मंडराने लगे। इस बात को लेकर पालिका के अधिशासी अधिकारी को भी गहरी आपत्ति रही है, लेकिन वह सत्तारूढ़ दल के प्रभाव के चलते डीएम के आदेशों का पूरी तरह पालन नहीं करा सके। इसे संज्ञान में लेते हुए डीएम मानवेंद्र सिंह ने जिला मजिस्ट्रेट के तौर पर नगर पालिकाध्यक्ष रजनी साहू को पत्र जारी किया है। इसमें कहा गया है कि उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 के प्रावधानों को वर्णित करते हुए स्थानीय नागर निकायों में निर्वाचित महिला पदाधिकारियों के पति अथवा संबंधियों का निकाय के प्रशासनिक कार्यों में हस्तक्षेप को प्रतिबंधित किया गया है। यह तथ्य बार-बार सामने आ रहा है कि घनश्याम साहू सरकारी कार्यालय में नियम विरुद्घ तरीके से प्रतिदिन निकाय के प्रशासनिक कार्यों में हस्तक्षेप कर रहे हैं। इसी तरह आउटसोर्सिंग सेवाप्रदाता ठेकेदार शिवम् साहू प्रतिदिन नगर पालिका परिषद के समस्त अनुभागों में घंटों बैठकर कार्मिकों को निर्देश जारी करते हैं। यही नहीं, निकाय के प्रशासनिक कार्यों में व्यवधान उत्पन्न करते हैं। किसी भी अनुभाग की पत्रावली घनश्याम साहू व शिवम साहू अवलोकन उपरांत ही अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत की जाती हैं। निकाय के समस्त अनुभागों कार्यों के निर्वहन के लिए शासन स्तर से अधिशासी अधिकारी की तैनाती की गई है। 29 मार्च को ईओ अवनींद्र कुमार ने अध्यक्ष को विपरीत तथ्यों के संबंध में ध्यानाकर्षित कराया था। लेकिन, इस संबंध में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। नगर पालिका परिषद एक प्रशासकीय विभाग है, जिसके प्रशासकीय कार्यों में किसी बाहरी व्यक्ति का हस्तक्षेप पूर्णतया नियमों के प्रतिकूल है। उन्होंने बोर्ड बैठक में निर्वाचित पदाधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कहा है। इस पत्र से पालिका में खलबली मची हुई है।
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ईओ और अध्यक्ष में चल रही रार
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष रजनी साहू और ईओ अवनींद्र कुमार के मध्य मतभेद चल रहे हैं। इसके पीछे भी वजह अध्यक्ष पति कऊो माना जाता है, उनके बढ़ते दखल के चलते तनातनी कम नहीं हो पा रही है।

पत्नी को छोड़ने व लेने के लिए जक्र पालिका
नगर पालिका परिषद में पत्नि को छोड़ने व लेने के लिए जाते हैं। सरकारी कार्यों में कभी हस्तक्षेप नहीं किया है और न ही पत्रावलियों का अवलोकन करते हैं।

जताई अनभिज्ञता
डीएम द्वारा जारी किए गए पत्र पर अनभिज्ञता जताई और कहा कि उन्होंने पालिका के किसी कर्मचारी को कभी निर्देश जारी नहीं किए।
शिवम साहू, सेवा प्रदाता ठेकेदार
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