कुपोषण से जंग लड़ेगा सुपोषण स्वास्थ्य मेला
25 अगस्त से शुरू होगा पोषण अभियान लगेगा
माह पहले बुधवार को लगेगा सुपोषण स्वास्थ्य मेला
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिले में कुपोषण को रोकने के लिए 25 अगस्त से सुपोषण अभियान चलाया जा रहा है। इसके संबंध में एनआईसी कार्यालय के विडियो कांफ्रेंस कमरे में समेकित बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक की गई। इस बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के नोडल अधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी मौजूद रहे। प्रदेश सरकार से आए निर्देेश के अनुसार अब से हर माह सुपोषण स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि आगामी 25 तारीख को जिला अस्पताल, सीएससी केंद्रों व उपकेंद्रों पर सुपोषण स्वास्थ्य मेला मनाया जाएगा। कुपोषण की रोकथाम करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित सुपोषण स्वास्थ्य मेला जिले के 191 उपकेन्द्रों पर आरंभ किया जाएगा। जिससे कुपोषित हुए बच्चे, गर्भवती महिला, किशोरियों को कुपोषण से मुक्त किया जा सके।
यह सुपोषण मेला प्रत्येक माह के प्रथम बुधवार को मनाया जायेगा। जिसकी शुरुआत 25 अगस्त से हो रही हैं। बच्चू लाल गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि इस मेले में स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास परियोजना विभाग, पंचायती विभाग के साथ मिलकर बच्चों, गर्भवती महिला व किशोरियों में कुपोषण को दूर किया जाएगा। इसके साथ ही अभियान में शून्य से छह वर्ष तक के बच्चों में कुपोषण, बौनापन एवं एनीमिया में सुधार लाना है। साथ ही 15 से 49 वर्ष की सभी किशोरियों एवं महिलाओंए जो खून की कमी से ग्रसित उनकी संख्या में प्रतिवर्ष 2.3 प्रतिशत कमी लाना हैं। इस मेले में सभी उपकेन्द्रों पर तीन तरह के काउंटर लगाए जाएंगे। जिसमें पहला काउंटर स्वास्थ्य संबंधी, दूसरा काउंटर पोषण संबंधी तथा तीसरा काउंटर परामर्श संबंधी होगा। स्वास्थ्य संबंधी पहले काउंटर पर एएनएम और आशा रहेगी, जो सभी गर्भवती महिलाओं की जांच में हीमोग्लोबिन, पेशाब, ब्लडप्रेशर, वजन और पेट की जांच व टीकाकरण करेगी तथा उन्हें आवश्यक दवाओं का वितरण करेगी। दूसरे काउंटर में पोषण संबंधी जिस पर आंगनबाड़ी और सहायिका कार्यकत्री होंगी। जो बच्चों का वजन करेंगी और लाभार्थियों को पोषाहार का वितरण करेंगी। तथा तीसरा काउंटर परामर्श संबंधी होगाए जिस पर अन्य आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहेगीए जो गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं, किशोरियों व बच्चों के माता-पिता को अन्य स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के साथ-साथ कुपोषण को दूर करने का बारे में जानकारी देंगी।