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दिन में हर घंटे गुल रहती फीडरों की बिजली, बिजली विभाग मौन

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दिन में हर घंटे गुल रहती बिजली, अफसर बेपरवाह
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- अधिकारियों के नहीं उठते फोन, फाल्ट होने पर हो सकता गंभीर हादसा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। कभी मेंटीनेंस तो कभी फाल्ट में शटडाउन के नाम पर अधिकांश विद्युत फीडर दिन में हर घंटे बंद कर दिए जा रहे हैं। ऐसा आए दिन होने से शहरवासियों को उमस भरी गर्मी में परेशान होना पड़ रहा है। वहीं फाल्ट होने पर सूचना देने के लिए विद्युत अभियंताओं को आम लोगों द्वारा जब फोन लगाया जाता है, तो व्यस्तता बताते हुए उनका फोन ही नहीं उठता है। ऐसे में फाल्ट होने पर शहर में कभी भी गंभीर हादसा घटित हो सकता है।
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बिजली विभाग द्वारा शहर को गल्ला मंडी स्थित 66 केवी और नझाई बाजार स्थित 33 केवी सब स्टेशन में स्थापित फीडर नंबर एक, दो, तीन, चार, पांच, नेहरूनगर, गोविंद नगर, पिसनारी, घंटाघर, तालाबपुरा फीडरों के माध्यम से पूरे शहर को विद्युत सप्लाई की जा रही है। लेकिन अधिकांश फीडरों की लाइनों का न तो समय पर मेंटीनेंस ही किया जाता है और उनकी ट्रिपिंग प्रणाली को ही बहुत अच्छे संसाधनों की मदद से सुधारा गया है, यही कारण है कि शहर का विद्युत ढांचा दिन प्रतिदिन बिगड़ता ही जा रहा है, जबकि विद्युत निगम द्वारा शहरी क्षेत्र की बिजली के लिए करोड़ों रुपए की लागत से उपकरण लगवाए गए हैं, जो वर्तमान में मात्र शोपीस बनकर रह गए हैं। शहर में बंच केबल और अंडरग्राउंड केबल भी बिछाई गईं है, लेकिन अब भी कई स्थानों में खुले में ही घरों के पास या छतों के ऊपर से निकले एलटी व हाइटेंशन विद्युत तार लोगों की जान को खतरा बने हुए हैं। वहीं बिना कोई पूर्व सूचना के विभाग द्वारा घंटों फीडरों की बिजली आपूर्ति ठप कर दी जाती है, जबकि विद्युत सब स्टेशनों पर रोंड़ा पावर हाउस से लगातार आपूर्ति मिलती रहती है। ऐसे में बिजली निगम का शहरवासियों को चौबीस घंटे बिजली देने का दावा भी धरा का धरा रह गया है। वहीं बिजली गुल होने की जानकारी या अन्य विद्युत संबंधी जानकारी के लिए जब उपभोक्ताओं द्वारा अवर अभियंताओं या अन्य अधिकारियों को फोन लगाया जाता है तो अधिकांश समय तो उनका मोबाइल व्यस्त ही बताता है और यदि मोबाइल की घंटी जाती भी है तो आम उपभोक्ताओं का यानि अनफीड नंबर उठाने की यह अधिकारी जहमत भी नहीं उजाते हैं, ऐसे में बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में बनी हुई है। वहीं आए दिन उपभोक्ताओं का बिजली सब स्टेशन पर या फिर चेकिंग के दौरान भी विद्युत अधिकारियों से झड़पों की शिकायतें आम हो गई हैं, जो चर्चा का विषय बनी रहती हैं।
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