बंदियों को दिया जाएगा एक माह का टेलरिंग प्रशिक्षण
ललितपुर। जेल में बंद बंदियों को टेलरिंग का प्रशिक्षण देकर स्वावलंबी बनाया जाएगा। इसके लिए बंदियों को कारागार प्रशासन की पहल पर जिला प्रशासन ने तीन सिलाई मशीनें और मिशनरीज ऑफ चैरिटी की ओर से उपलब्ध करवाई हैं। सोमवार को इसका जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह और एसपी सलमान ताज पाटील ने फीता काटकर इसका शुभारंभ किया।
जिला कारागार प्रशासन की ओर से जेल में बंद बंदियों को बेहतर सुविधाएं, व्यवहार परिवर्तन, आचरण में सुधार करने और स्वावलंबी बनाने के लिए कोशिशें शुरू की जा रही हैं। इसी के तहत जेल में बंद 22 महिला बंदियों और 20 पुरुष बंदियों को स्वावलंबी बनाने के लिए टेलरिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए मिशनरीज ऑफ चैरिटी की ओर से जेल प्रशासन को तीन सिलाई मशीनें उपलब्ध करवाई हैं। जिलाधिकारी ने राइफल क्लब की ओर से तीन मशीने देने का आश्वासन दिया है।
सोमवार को प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ जिलाधिकारी और एसपी ने फीता काटकर किया। इस दौरान जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि जेल का दूसरा नाम सुधार गृह होता है। ऐसे में यह पहल सराहनीय है। इस तरह के कार्यक्रमों से जहां यहां से निकलकर बंदियों को रोजगार का अवसर मिलेगा वहीं उनको अपराध करने की जरूरत भी नहीं होगी। जेलर शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सभी बंदियों को प्रतिदिन एक महीने तक एक घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। महिला बंदियों को मिशनरीज ऑफ चैरिटी की सदस्य सिस्टर एनप्रिस्का व एचिल प्रशिक्षण देंगी। पुरुष बंदियों को कौशल विकास अवधेश नामदेव प्रशिक्षित करेंगे। इस दौरान उप जिलाधिकारी सदर महेश प्रसाद दीक्षित, जेलर शैलेंद्र प्रताप सिंह, चिकित्साधिकारी डॉ, सच्चिदानंद, उपजेलर सुरेश कुमार, मुकेश प्रकाश व सरोज संस्था अध्यक्ष अनिल पटैरिया, कमलदीप सिंह फार्मासिस्ट व अन्य कारागार स्टाफ मौजूद रहा।