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पत्रकार के चार हमलावरों को तीन-तीन वर्ष की सजा

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चार हमलावरों को तीन-तीन वर्ष की सजा
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ललितपुर। पत्रकार की आंखों में मिर्ची झोंककर मारपीट करने एवं जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के मामले में जिला सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र शर्मा की अदालत ने चार अभियुक्तों को तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। यही नहीं प्रत्येक पर साढ़े पांच-साढ़े पांच हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
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प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि नौ वर्ष पूर्व मुहल्ला आजादपुरा निवासी उमेश पंथ ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि आठ अगस्त 2008 को वह अपने भाई पत्रकार बृजेश पंथ व संजीव नामदेव के साथ बृजेश के घर की ओर जा रहे थे, तभी पानी की टंकी के पीछे आजादपुरा में घात लगाकर बैठे आजादपुरा के पास निवासी आरिफ, आविद, जावेद पुत्री मुन्ने खां, गजेंद्र पुत्र जमना प्रसाद एवं दो अज्ञात व्यक्ति गाड़ी चला रहे बृजेश की आंखों में लाल मिर्ची का पाउडर डालकर लोहे के सरिए व फरसे से हमला कर दिया था। एक फरसा सिर पर मारा, जिसका बचाव करने पर फरसा बृजेश के पैर पर जा लगा, जिससे वह गंभीर रुप से घायल हो गया था। उक्त लोग गालियां देते हुए जातिसूचक शब्दों से अपमानित कर जान से मारने की धमकी देकर मारना पीटना शुरु कर दिया था। संजीव ने किसी प्रकार भाग कर बृजेश के घर सूचना दी, जिस पर बृजेश के पिता जी व मुहल्ले वाले मौके पर पहुंचे और घायल बृजेश को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। उमेश की तहरीर पर पुलिस ने 11 अगस्त 2008 को मामला दर्ज कर लिया था और उक्त अभियुक्त आरिफ, आविद, जावेद व गजेंद्र के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए, तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। शुक्रवार को न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से सुनवाई के आधार पर चारों अभियुक्तों को मारपीट कर गंभीर रुप से चोट पहुंचाने, गाली-गलौज करने, जान से मारने की धमकी देने एवं एससीएसटी एक्ट के मामले में दोषी पाते हुए अधिकतम तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यही नहीं साढे़ पांच हजार-साढे़ पांच हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
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