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रेलवे स्टेशन के बाहर वाहन सुरक्षित नहीं, यात्री परेशान

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आदर्श रेलवे स्टेशन और सुविधाओं का टोटा

ललितपुर। गर्मी के मौसम में वाटर कूलर नहीं दे रहे हैं ठंडा पानी, जगह-जगह टोंटियां खराब होने से प्लेटफार्म पर पानी बह रहा है। सफाई का हाल भी बेहाल है। तीन माह निकल जाने के बाद भी वाहन स्टैंड का ठेका नहीं हुआ है, जिससे लोगों को अपने वाहन भगावन भरोसे रखना पड़ रहे हैं। यह हाल झांसी रेल मंडल के आदर्श रेलवे स्टेशन ललितपुर का। जब मॉडल स्टेशन का हाल यह है तो साधारण की क्या हालत होगी, इसका सहज अंदाज लगाया जा सकता है।
सबसे बड़ी परेशानी स्टेशन के बाहर पार्किंग की है। करीब तीन माह पूर्व यहां आरपीएफ थाने के पास स्थित वाहन पार्किंग का ठेकेदार किसी वाहन चोरी में जीआरपी द्वारा जेल भेज दिया गया था, इसके बाद से उक्त वाहन पार्किंग बिना ठेकेदार के हो गई है। अब स्टेशन आने वाले लोग वाहन लाकर बिना किसी सुरक्षा के ही पार्किंग स्थल पर रख रहे हैं। हालांकि यह वाहन पार्किंग स्थल रेलवे द्वारा निर्धारित किया गया है, लेकिन देखरेख के अभाव में यहां वाहन सुरक्षित नहीं हैं। यदि कोई वाहन यहां रख भी दे रहा है तो उसकी गाड़ियां पंचर कर दी जा रही हैं। इस मामले में जीआरपी भी मदद नहीं कर रही है और यदि कोई स्टेशन के बाहर नो पार्किंग में रख देता है तो तत्काल उसका चालान कर वाहन बंद भी कर दिए जाते हैं।
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यात्री चिलचिलाती धूप व गर्म हवा के थपेड़ों के बीच प्लेटफार्म पर यात्रियों को रेल प्रशासन बेहतर सुविधा नहीं दे पा रही है। यात्रियों को तत्काल टिकट के लिए सुबह से ही लाइन लगाकर दोपहर की कड़ी धूप में खड़े रहने की विवशता है और तो और यात्रियों की भीड़ के कारण टिकट काउंटर पर भी घंटों लाइन लगाकर इंतजार करना पड़ रहा है। कम संख्या में टिकट काउंटर खुलने की वजह से यात्रियों को घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ता है। इससे कई बार यात्रियों की ट्रेन भी छूट जाती है। वहीं, कई यात्रियों को बगैर टिकट यात्रा करने पर विवश होना पड़ता है, जिससे टिकट लेने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इंडीकेटर नहीं होने से होती परेशानी
रेलवे स्टेशन के बाहर कहीं भी इंडीकेटर नहीं लगाए गए हैं। आरपीएफ, जीआरपी, रेलवे टिकट काउंटर या मुख्य इंट्री या एक्जिट गेट किस ओर हैं, यह पता करने में परेशानी होती है। स्टेशन परिसर में आरपीएफ थाने के पीछे बने टिकट आरक्षण कार्यालय पर भी काफी छोटा बोर्ड लगाया गया है, जो यात्रियों को दूर से समझ में ही नहीं आता है। जब लोग स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर बने पूछताछ कार्यालय में टिकट की जानकारी लेते हैं तब उन्हें टिकट घर के बारे में बताया जाता है।

वाहन स्टैंड का ठेका निरस्त कर दूसरा टेंडर निकाला जाएगा, इसके लिए ठेकेदार को नोटिस दिया गया है और शीघ्र ही स्टेशन पर वाहन पार्किंग व अन्य सुविधाएं व्यवस्थित की जाएगी। यदि वाहन रखने के दौरान कोई परेशानी आ रही है तो उसका संज्ञान लिया जाएगा। कार्यालयों के इंडीकेटर समेत अन्य व्यवस्थाओं को सही कराया जाएगा।
-दुर्गेश दुबे, सीनियर डीसीएम रेलवे झांसी।

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वाहन चोरी का लगा रहता डर
रेलवे स्टेशन पर रोजाना अप और डाउन करना होता है, जिससे दो पहिया वाहन स्टैंड पर रखना पड़ता है, लेकिन वाहन स्टैंड का ठेका नहीं होने से अब वाहन चोरी का डर बना रहता है। लेकिन मजबूरी है, वाहन कहीं और भी नहीं रख सकते हैं।
प्रभात शर्मा, बिलिंग कंपनी, ललितपुर।
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फोटो- 20
वाहन रखने को लेकर होती परेशानी
रेलवे स्टेशन पर बिना ठेका के वाहन स्टैंड पर वाहनों को रखने में परेशानी होती है। जीआरपी का नो पार्किंग बोर्ड लगा होने से वाहनों को स्टैंड पर रखना मजबूरी है। यदि वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग हो जाए तो काफी राहत मिल सकेगी।
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बसीम बेग, सुपरवाइजर, विद्युत।

फोटो- 21
स्टेशन पर असुविधाओं पर नहीं दिया जाता ध्यान
रेलवे स्टेेशन पर टिकट काउंटर दूर होने के कारण यात्रियों को समझ ही नहीं आता कि टिकट काउंटर कहां है। प्लेटफार्म पर वॉटरकूलर भी ठंडा पानी नहीं दे रहे हैं। रेलवे स्टेशन के बाहर ऑटो संचालकों का जमघट लगने से स्टेशन पर प्रवेश करने में भी परेशानी होती है।
सुनील श्रीवास्तव, नई बस्ती।
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