ओयल। चौकी क्षेत्र में शुक्रवार शाम लखीमपुर-सीतापुर फोरलेन पर बदमाशों ने लिफ्ट के बहाने एक युवक को लूट लिया। आरोपियों ने बाद में पीड़ित को पीटा और हाथ-पैर बांधकर खेत में डाल दिया। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित को बचाया।
जिला सीतापुर थाना हरगांव के गांव भटपुरवा पकरिया निवासी नीरज ने बताया कि वह कंप्यूटर संबंधी कार्य पूरा कर लखीमपुर से बाइक से घर लौट रहा था। बाइक पुरानी होने के कारण बहुत धीमे चलती है। ओयल स्थित मुक्ति धाम के पास रास्ते में लिफ्ट मांगने के लिए एक व्यक्ति ने उसे रोका। वह रुक गया और उसने लिफ्ट दे दी।
इस बीच दो व्यक्ति पीछे से आए और उसे बाइक समेत खेत की तरफ खींच ले गए। बदमाशों ने उसका पर्स और मोबाइल छीन लिया। रुपये नहीं मिलने पर बदमाशों ने उसे पीटा। शर्ट फाड़ दी। हाथ-पैर बांधकर गन्ने के खेत में डाल दिया। किसी तरह वह जान बचाकर फोरलेन पहुंचा। इस दौरान उसने पुलिस जीप को रुकवाया। पुलिस पीड़ित को थाने लेकर आई। पीड़ित ने बताया कि बदमाश उसकी हार्डडिस्क तक छीन ले गए। थाना खीरी प्रभारी हेमंत राय ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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ग्रामीणों का आरोप- घटना को छिपा रही पुलिस
लूट की वारदात के बाद ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि राकेश राज अन्य ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंच गए। उनके पहुंचते ही बदमाश मौके से फरार हो गए। फिर थाना प्रभारी हेमंत राय के नेतृत्व में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एक घंटे तक खेत में छानबीन की। जांच में पुलिस को मौके से दो बाइकें, एक जींस-जैकेट, दस्ताने और बैग मिला है। बैग की तलाशी लेेने पर पुलिस को उसमें नीरज नाम का आधार व यूनियन बैंक की चेकबुक मिली। इसके बाद जब पुलिस लौट रही थी, तो रास्ते में नीरज एक रिजॉर्ट के पास संदिग्धावस्था में पड़ा मिला। इस दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वारदात को छिपाने के उद्देश्य से पुलिस सबकी नजरों से छिपाते हुए उसे चौकी लाई और किसी को भनक लगने से पहले ही थाने पहुंचा दिया। पुलिस अब शराब का विवाद बताकर उल्टा आरोपी को ही झूठा साबित करने में लगी है।