खपरैल बाजार में चूड़ियां खरीदती महिलाएं। संवाद
लखीमपुर खीरी। सावन की शुरुआत से पहले खपरैल बाजार रंग-बिरंगी चूड़ियों से सज गया है। शृंगार सामग्री की खरीदारी तेज होने के साथ चूड़ियों की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ बढ़ रही है। वर्षों से चूड़ियों की खरीदारी का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले इस बाजार में सबसे ज्यादा मांग हरी चूड़ियों की है, जिन्हें सावन में सुहाग और मंगल का प्रतीक माना जाता है।
दुकानदार गुड्डू, शोएब, संजय, आशू और शादाब ने बताया कि इस बार जेली बैंगल और कश्मीरी चूड़ियां सबसे ज्यादा ट्रेंड में हैं। लखनवी, स्टोन वर्क, मेटल फिनिश, ग्लिटर, सीप के कड़े और डिजाइनर चूड़ी सेट भी महिलाओं को आकर्षित कर रहे हैं। हर बजट में चूड़ियों की रेंज उपलब्ध है। दुकानदारों को सावन के सोमवार और तीज पर बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है।
हर बजट में चूड़ियों की रेंज
हरी चूड़ियां – 100 रुपये प्रति दर्जन
प्लेन चूड़ियां – 50 रुपये में दो दर्जन
चूड़ी सेट – 350 रुपये प्रति सेट
जेली बैंगल – 200 रुपये प्रति सेट
कश्मीरी चूड़ियां – 300 रुपये प्रति सेट
सीप के कड़े – 200 रुपये में छह पीस का सेट
साधारण कड़े – डिजाइन के अनुसार 100 रुपये में दो या चार