पलियाकलां। शारदा नदी की बाढ़ से पलिया-भीरा के बीच अतरिया के आगे रेलवे ट्रैक कट जाने से पलिया-भीरा राजमार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया कट गई और पानी तेज बहाव में बहने लगा। इस कारण आठ दिन से इस रूट पर यातायात ठप है। सोमवार से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की तरफ से हाईवे 731 पर कटी पुलिया के पास मरम्मत का काम शुरू किया गया है।
पलिया-भीरा राजमार्ग बंद होने से इस रूट पर यात्रा करने वालों के लिए एकमात्र सहारा नाव ही रह गया है, जबकि निघासन रोड से भी बड़े वाहनों को कम करके निकाला जा रहा है। यहां पर भी रपटा पुल पर कार्य किया जा रहा है। बड़े वाहनों को निकालने के लिए पुल के दोनों तरफ मार्ग को चौड़ा करने का काम चल रहा है।
सोमवार से शारदा नदी के पानी से अतरिया के आगे कटी पुलिया को ठीक करने के लिए मजदूर लगे रहे और लगभग पानी का बहाव रोक दिया है। अब मलबा डालकर मार्ग को लेवल किया जा रहा है। बारिश के बीच भी सुबह से बड़ी संख्या में लोग भी निर्माण कार्य देखने के लिए जुटे रहे। उनको पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर नियंत्रित किया और लोगों को कार्यस्थल से दूर रहने को कहा। कोतवाल विवेक कुमार उपाध्याय पुलिस बल के साथ सुबह से तैनात रहे और भीड़ को नियंत्रित करते रहे।
पलिया-भीरा मार्ग शुरू होने में लग सकता है समय
पलिया-भीरा मार्ग पर पुलिया के पास मरम्मत का कार्य शुरू तो हो गया है, लेकिन माना जा रहा है कि अभी इसमें कुछ और वक्त लग सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि पुलिया पर पानी के बहाव को फिलहाल रोका गया है, लेकिन इस पर लेन शुरू करने से पहले विभाग पूरी तसल्ली कर लेना चाहता है कि मजबूती से कार्य हुआ है या नहीं। इसके बाद ही बसों समेत अन्य वाहनों के निकलने के लिए इसे खोला जाएगा। देर शाम तक कार्य चलता रहा।
ई-रिक्शा चालक ढाई किलोमीटर के वसूल रहे 40 रुपये तक
अतरिया रेलवे क्रॉसिंग से पलिया तक सवारियों को लाने व ले जाने के लिए दर्जनों की संख्या में ई-रिक्शा पलिया से अतरिया क्रॉसिंग तक दिखाई दे रहे हैं। नाव से उतरते ही यह सवारियों के पास पहुंच जाते हैं। बैग आदि पकड़कर किराया बताते हुए उसको ई-रिक्शा में बैठाने लगते हैं। पलिया तक ढाई किलोमीटर दूरी का भी 20 से लेकर 40 रुपए प्रति सवारी वसूल कर रहे हैं, जो सवारी 10 रुपए देती है, उसके साथ पांच-छह सवारी अन्य बैठाकर पलिया तक लाने व ले जाने का कार्य कर रहे हैं।
1250 बाढ़ राहत सामग्री का किया वितरण
श्रीनगर, मझगईं, गोविंदनगर में 1250 परिवारों को बाढ़ राहत सामग्री का वितरण लेखपालों व अधिकारियों ने किया है। एसडीएम कार्तिकेय सिंह ने बताया कि जिले से अब तक तहसील प्रशासन को 1250 बाढ़ राहत सामग्री के पैकेट मिले थे। लेखपालों के जरिए श्रीनगर व मझगईं क्षेत्र में पैकेट वितरित कराए गए हैं। सोमवार को गोविंदनगर गांव में भी राहत सामग्री का वितरण कराया।
फसलें डूबीं, अब किसानों को आगे की सताने लगी चिंता
शारदा व सुहेली नदियों की बाढ़ का पानी किसानों की सैकड़ों एकड़ फसलों को बर्बाद कर चुका है। बाढ़ से गन्ना, धान, मूंगफली समेत अन्य फसलें बाढ़ के पानी में डूब गईं हैं। अतरिया मार्ग के दोनों तरफ गन्ने की फसल में केवल पानी-पानी ही नजर आ रहा है। सुहेली नदी की बाढ़ से प्रभावित मकनपुर, मुंजहा, फुलवरिया समेत अन्य गांवों के खेतों में फसलें बर्बाद हो गईं हैं। निघासन मार्ग के दोनों तरफ भी गन्ना की फसलों का कमोवेश यही हाल है।
पलिया-भीरा मार्ग पर सोमवार से एनएच विभाग ने कार्य शुरू कराया है, निघासन रोड पर भी रपटा पुल के पास कार्य प्रगति पर है। दोनों जगहों पर पक्का कार्य होने के बाद ही वाहनों को निकाला जाएगा, जिससे आवागमन में कोई दिक्कतें न आएं। बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत सामग्री वितरित कराई जा रही है। -कार्तिकेय सिंह, एसडीएम, पलिया
खीरी के सांसद ने पलिया-भीरा राजमार्ग की जल्द मरम्मत कराने को कहा
पलियाकलां। खीरी सांसद उत्कर्ष वर्मा मधुर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर पीड़ितों का हाल जाना। बाढ़ पीड़ितों ने अनगिनत समस्याएं बताईं। जिस पर वह काफी तल्ख हुए और प्रशासन को खानापूर्ति बंद करके पीड़ितों की समस्याओं को प्राथमिकता से दूर करने को कहा।
सांसद ने पलिया-भीरा मार्ग पर कटी पुलिया का जायजा लिया और ठीक कराने की बात प्रशासन से की। गोविंदनगर, खजुरिया, कमलापुरी, लगदहन, परसपुर समेत दर्जनों गांवों का दौरा कर पीड़ितों से समस्या आने पर संपर्क करने की बात कही है। सांसद के साथ प्रदेश, जिला, विधानसभा स्तर के समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी साथ रहे। संवाद
पलिया-भीरा मार्ग पर मलबा उठाती जेसीबी मशीन।
पलिया-भीरा मार्ग पर मलबा उठाती जेसीबी मशीन।
पलिया-भीरा मार्ग पर मलबा उठाती जेसीबी मशीन।
पलिया-भीरा मार्ग पर मलबा उठाती जेसीबी मशीन।