तहसील धौरहरा में घाघरा नदी का कटान रोकने को काम तो शुरू हो गया, बावजूद इसके शुक्रवार रात में नदी ने कटान कर भदईपुरवा गांव के तीन घरों का नामोनिशान मिटा दिया। उधर शनिवार को कटान रोकने के लिए गांव में एक स्थान से मलबा उठाने का विरोध करते हुए लोगों ने बाढ़ खंड के जेई ओमप्रकाश चौहान और हरीश वर्मा को घेर लिया। गुस्साए लोग कटान रोकने के लिए बोरियों में मलबा या बालू की जगह रोड़ा भरने की मांग कर रहे थे। दोनों अभियंताओं का कहना है कि उन्होंने रोड़ा भरने का नियम न होने की बात कही तो लोग भिड़ गए और उन्हें नदी में फेंकने की धमकी देने लगे। उनका कहना था कि गनीमत रही कि तहसील के अधिकारी और पुलिस आ गई अन्यथा लोग मारपीट करने पर अमादा हो गए थे।
मालूम हो कि भदईपुरवा गांव में पिछले 12 दिनों से जबरदस्त कटान जारी है। काफी भूमि और करीब 10 घर पहले ही कट चुके हैं। कटान रोकने और मुआवजे की मांग को लेकर 36 लोग अपने बच्चों के साथ 23 जुलाई को घाघरा नदी की मझधार में जाकर खड़े हो गए थे। गांव वालों का कहना था कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वे सभी लोग जल समाधि ले लेंगे। अधिकारियों ने उन्हें मनाते हुए बाहर निकाला था और शुक्रवार से कटान की रोकथाम के लिए काम शुरू हो गया था, लेकिन काम की गति काफी धीमी थी, जिससे ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया था। उधर शुक्रवार रात में नदी के कटान से सलमा, खलील पुत्र मोहम्मद इस्माइल और सईद पुत्र नवाब के घर पूरी तरह से नदी में समा गए। इन लोगों का कहना है कि इससे उनके परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं।
मस्जिद समेत कई घर नदी में समाने की कगार पर
ईसानगर। गांव भदईपुरवा में मस्जिद समेत कई घर नदी में समाने की कगार पर आ गए हैं। परेशान हाल ग्रामीण अपने घरों को खुद तोड़कर पलायन करने को मजबूर हैं। कई घर लोगों ने खुद तोड़ दिए हैं। --
पुलिस न आ जाती तो हमलावर हो जाते ग्रामीण
ईसानगर। बाढ़ खंड के जेई ओमप्रकाश ग्रामीणों से छूटने के बाद लंबी सांस लेते हुए कहते हैं कि गांव वालों ने उन्हें घेर लिया था और नदी में फेंक देने की धमकी दे रहे थे। उनका कहना था कि कटान को जल्दी रोको और बोरियों में रोड़े भरे जाएं। उनका नियमानुसार बालू भरने की बात बताना महंगा पड़ गया। सभी लोगों ने न सिर्फ उन्हें घेर लिया, बल्कि हमलावर हो गए। गनीमत रही कि किसी तरह सूचना पाकर एसडीएम, तहसीलदार समेत पुलिस मौके पर आ गई अन्यथा कुछ भी हो सकता था।
अधीक्षण अभियंता-बाढ़ मंडल सीतापुर ग्यास आलम नें बताया कि ग्रामीण दोनों जेई को घेरकर नदी में फेंकने की धमकी दे रहे थे। तहसील के अधिकारियों और पुलिस ने पहुंचकर उन्हें बचाया। ग्रामीण कटान के कारण गुस्सा में थे। फिलहाल कटान को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
एसडीएम-धौरहरा ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि बाढ़ खंड के जेई को ग्रामीणों ने घेर लिया था। समय पर पहुंचा कर सभी का वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया, जिस पर गांव वाले मान गए। कटान से बचाव के कार्य युद्धस्तर पर हो रहे हैं। कटान पीड़ितों को राहत सामग्री और मुआवजा देने की प्रक्रिया भी जारी है।