लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों और संकुल स्तरीय समितियों (सीएलएफ) की महिलाओं ने शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन दिया।
ज्ञापन में महिलाओं ने ब्लॉक मिशन मैनेजर पर स्थानांतरण के बाद भी दलिया प्लांट एवं महिला समूहों के कार्यों में हस्तक्षेप करने, महिलाओं को प्रताड़ित करने और भय का माहौल बनाने का आरोप लगाया।
साथ ही उनके साथ कार्यरत महिला कर्मी पर भी कार्यालय के कार्यों में अनावश्यक दखल देने और महिलाओं पर निराधार आरोप लगाने की शिकायत की गई।
महिलाओं ने कहा कि सीएलएफ पदाधिकारियों का बदलाव निष्पक्ष जांच के बाद ही किया जाए। बिना जांच कार्रवाई करना न्यायोचित नहीं होगा। उन्होंने सीआरपी का लंबित मानदेय शीघ्र जारी करने की भी मांग उठाई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि धनराशि की मांग पूरी न होने पर महिला समूहों को परेशान किया जा रहा है।
महिलाओं ने डीएम से आरोपी मिशन मैनेजर को दलिया प्लांट से पूर्ण रूप से कार्यमुक्त कराने, महिला कर्मी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने, लंबित मानदेय का भुगतान कराने तथा महिला समूहों को बिना हस्तक्षेप सुरक्षित माहौल में कार्य करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में माया देवी, आशा, मंशा देवी, राम देवी, अर्चना मौर्य, जाहिदा, रानी, अनीता देवी समेत तमाम महिलाएं मौजूद रहीं।
दलिया प्लांट में वित्तीय अनियमितता का आरोप
लखीमपुर खीरी। निघासन ब्लॉक में संचालित रोशनी प्रेरणा लघु उद्योग (दलिया प्लांट) से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने भी शुक्रवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। उन्होंने प्लांट में कथित वित्तीय अनियमितताओं और अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
महिलाओं का आरोप है कि प्लांट संचालन में पारदर्शिता नहीं बरती गई। समूहों से अंशदान लेने के बावजूद आय-व्यय का पूरा विवरण नहीं दिया गया। कई महिलाओं से सादे चेकों पर हस्ताक्षर भी कराए गए। ज्ञापन में ब्लॉक मिशन मैनेजर पर स्थानांतरण के बाद भी हस्तक्षेप, अभद्र व्यवहार और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। महिलाओं ने यह भी दावा किया कि चार माह से प्लांट बंद होने के बावजूद डीजल भुगतान और अन्य खरीद में अनियमितताएं हुई हैं।