लखीमपुर खीरी। मधुमक्खी पालन से जिले की महिलाएं परिवार की परवरिश करेंगी। शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 51 महिलाओं को मास्टर ट्रेनर के रूप में चुना गया है। जनपद बांदा में सरकार की तरफ से तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पलिया ब्लाॅक की महिलाओं को शनिवार को बस के जरिये भेजा गया है। जिला मुख्यालय से अफसरों ने हरी झंडी दिखाकर उन्हें रवाना किया गया है। बांदा के जिला ग्रामीण विकास संस्थान में 16, 17 और 18 नवंबर को प्रशिक्षण दिया जाएगा। बाद में यह महिलाएं अपने जिले की महिलाओं को इससे संबंधित प्रशिक्षण देंगी, ताकि जिले में शहद उत्पादन का बढ़ावा होने के साथ ही अधिक से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर हो सकें। डीसी एनआरएलएम जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करेगी।
मास्टर ट्रेनर बनने के बाद महिलाएं अपने समुदाय में शहद उत्पादन को बढ़ावा देंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी। इससे न केवल शहद उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि शहद के नाम पर एक पहचान मिलेगी।
प्रशिक्षण के ये रहेंगे मुख्य बिंदु
-तीन दिवसीय प्रशिक्षण के पहले दिन रविवार को परिचय के बाद मधुमक्खी के बारे में, इनके प्रकार, मधुमक्खी पालन क्यों, परेशानी, सावधानी, आय की संभावना, मधुमक्खी का व्यवहार, प्रजातियां, प्रश्नोत्तर आदि के बारे में बताया जाएगा। दूसरे दिन सोमवार को मधुमक्खी पालन के उपकरण पर समझ, पालन के लिए जरूरी मधुमक्खी, पालन की पूर्व प्रक्रिया का लाइव प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। तीसरे व अंतिम दिन फील्ड विजिट सहित अन्य कई बिंदुओं की जानकारी दी जाएगी।