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गांवों में बनाई जा रही कच्ची शराब के खिलाफ महिला समूहों ने फूंका बिगुल

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लखीमपुर खीरी। गांवों में बनाई जा रही कच्ची शराब के खिलाफ महिला समूहों ने बिगुल फूूंकते हुए स्वयं कार्रवाई करने का अभियान छेड़ दिया है। कच्ची शराब के धंधे में लिप्त महिलाओं को डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर सम्मानजनक रोजगार के लिए प्रेरित किया था, जिसके बाद कई गांवों में महिलाएं स्वयं सहायता समूह बनाकर सम्मानजनक रोजगार शुरू करने की तैयारी में हैं। साथ ही गांवों में कच्ची शराब के ठिकानों पर इन समूहों की महिला सदस्यों ने लाठी-डंडे से लैस होकर धावा बोलना शुरू कर दिया है। शराब बनाने के उपकरण और भट्ठियों को नष्ट कर दिया है। महिलाओं के इस साहसी निर्णय से कच्ची शराब के कारोबारियों में खलबली मच गई है।
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रमियाबेहड़ ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत मझरापूरब के मजरा गांव नानक मझरा और रामनगर में बृहस्पतिवार को स्वयं सहायता समूह की करीब 12 महिला सदस्यों ने कच्ची शराब के खिलाफ अभियान चलाकर अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया है। अभी तक आबकारी और पुलिस महकमा कच्ची शराब के ठिकानों पर दबिश देकर कार्रवाई कर रहा था, लेकिन अब संगठित महिलाओं ने अपने परिवार की खुशियों को बचाने के लिए स्वयं संघर्ष करने का साहसिक निर्णय ले लिया है।
ग्राम पंचायत मझरापूरब के मजरा गांव नानक मझरा में समूह की महिला सदस्यों ने गांव के बाहर नाले के किनारे बनाई जा रही कच्ची शराब की भट्ठी पर धावा बोला, जहां पर उन्होंने शराब बनाने के उपकरणों को लाठियों से तोड़ डाला। इसके बाद नाले में घुसकर उसमें छिपाकर रखी गई लहन को नष्ट किया। इसके बाद महिलाओं ने रामनगर मझरा में कच्ची शराब बनाने के ठिकाने पर धावा बोला। यहां भी महिलाओं को आता देख शराब बना रहे लोग भाग निकले।
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महिलाओं ने लाठी-डंडों से उपकरण और भट्ठियों को तोड़कर नष्ट कर दिया। महिलाओं के इस प्रयास से गांवों में सकारात्मक संदेश गया है। समूह की महिलाओं के प्रयासों को ग्रामीण भी सराह रहे हैं, तो अधिकारी भी इसे कच्ची शराब के खिलाफ क्रांति की शुरुआत के तौर पर देख रहे हैं।
रमियाबेहड़ में नौ महिलाएं शराब बनाने में थीं लिप्त
बताते चलें कि डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने जिला आबकारी अधिकारी और उपायुक्त स्वत: रोजगार के सहयोग से कच्ची शराब बनाने में लिप्त महिलाओं को चिह्नित करने का काम कुछ दिन पहले ही शुरू किया था, जिसके साथ ही महिलाओं को समूहों से जोड़कर समाज की मुख्य धारा में लाने का अभियान चलाया गया। रमियाबेहड़ की ग्राम पंचायत मझरापूरब में कच्ची शराब बनाने में लिप्त नौ महिलाओं को चिह्नित किया गया था, जिन्हें ज्योति, दुर्गा, राधा, कृष्णा, विष्णु, जमुना प्रेरणा स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। बीडीओ के निर्देशन में बुधवार को ग्राम पंचायत मझरापूरब में महिलओं ने रैली निकालकर अवैध शराब के धंधे में शामिल महिलाओं को जागरूक किया था।
कई गांवों में शराब बनाने वाली महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़कर समाज की मुख्य धारा में शामिल किया गया है। ताकि महिलाओं को अच्छे परिवार के रूप में मान्यता मिले। साथ ही उनके आजीविका संवर्धन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। डीएम के विचारों से प्रेरित होकर महिला समूूहों ने स्वयं ही गांवों में कच्ची शराब के ठिकानों को नष्ट करने की मुहिम छेड़ी है, जिसके परिणाम स्वरूप अन्य गांवों की महिलाएं भी जागरूक होकर कच्ची शराब के खिलाफ आवाज बुलंद कर सकेंगी।
- अजय प्रताप सिंह, उपायुक्त स्वत: रोजगार, एनआरएलएम
मम्मी को छोड़ दीजिए साहब... अब शराब नहीं बनाएंगी
- नीमगांव पुलिस ने दो महिलाओं समेत चार लोगों को कच्ची शराब बनाते पकड़ा
- पकड़ी गई महिलाओं के मासूम बच्चे अपनी मांओं को छुड़ाने पहुंचे थाने
संवाद न्यूज एजेंसी
सिकंद्राबाद। थाना नीमगांव पुलिस ने शुक्रवार को अभियान चलाकर दो महिलाओं समेत चार लोगों को कच्ची शराब बनाते हुए गिरफ्तार किया। मौके पर कच्ची शराब बरामद की। पकड़ी गई महिलाओं के मासूम बच्चे अपनी मां को छुड़ाने थाने पहुंचे तो माहौल भावनात्मक बन गया।
प्रभारी निरीक्षक गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में एसआई हीरालाल रावत, संजीव तोमर ने बृहस्पतिवार को तड़के लोनपुरवा गांव में छापा मारा। आल्हा, रामसागर, किरन व गीता देवी को कच्ची शराब बनाते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से 19 लीटर कच्ची शराब व उपकरण बरामद हुए। जैसे ही पुलिस टीम दोनों महिलाओं समेत चारों आरोपियों को लेकर थाने पहुंची तो लल्लू के मासूम बच्चे थाने पहुंचकर अपनी मां को छोड़ने की फरियाद करने लगे। इस पर महिला सिपाहियों ने बच्चों को ढांढस बंधाया और जागरूक किया। तब बच्चों ने वादा किया अब मम्मी को शराब नहीं बनाने देंगे। साथ ही बच्चों ने कहा कि यदि इसके बाद भी नहीं मानेंगे, तो पुलिस को सूचना दूंगा। प्रभारी निरीक्षक गजेंद्र सिंह ने बताया कि सभी को थाने से जमानत देकर छोड़ दिया गया है।
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