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Lakhimpur Kheri News: साड़ी पैकिंग के बहाने धोखाधड़ी का शिकार हो गईं महिलाएं

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संपूर्णानगर। कृष्णानगर कॉलोनी की महिलाओं के खाते से लाखों रुपयों के वारे-न्यारे होने के बाद ड्योढ़ी पर पुलिस की दस्तक से महिलाएं खौफजदा हैं। बताया गया कि साड़ी में स्टीकर लगाने का काम दिलाने के नाम पर उन्होंने डाकघर में खाता खुलवाया था। अज्ञात नंबर से फोन कर काम दिलाने वाले ने खाते में लेनदेन किया, उनको पता ही नहीं चला। फिलहाल मामले में पुलिस और डाकविभाग में शिकायत की गई है।
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कृष्णानगर गांव निवासी सुग्रीव प्रसाद की पत्नी शांति देवी, विमलेश की पत्नी वंदना व अजय की पत्नी मालती ने बताया कि बीते दिनों एक अज्ञात नंबर से काल आई और रोजगार दिलाने की बात कही गई। जून माह में शांति देवी के पास अज्ञात नंबर से रोजगार देने के लिए 15-20 महिलाओं की टीम का गठन कर डाकघर में खाते खुलाने की बात कही गई। गांव की वंदना, मालती, किरन व निशा सहित दर्जनों महिलाओं ने संपूर्णानगर डाकघर के बाहर एक कर्मचारी द्वारा पांच-पांच का ग्रुप बनाकर खाता खुलाया।
महिलाओं को साड़ी में स्टीकर लगाने पर 15 रुपये प्रति साड़ी देने की बात को लेकर सहमति बनी, लेकिन साड़ियां नहीं आईं। बीते दिनों पश्चिम बंगाल के हावड़ा पुलिस की ओर से वंदना को नोटिस दिया गया। शांति व वंदना ने बताया कि उनके घर पुलिस आई और इस बारे में बताया कि उनके खाते में रुपये आए हैं, वह वापस करो। महिलाओं ने जब डाकघर जाकर पता किया तो उनके खाते में रुपये आए और निकाल भी लिए गए। रुपये किसने निकाले इसकी जानकारी नहीं है।
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मामले में लखीमपुर डाकघर एवं एसपी के पास जाकर अज्ञात नंबरों और डाकघर के एक कर्मचारी पर मिलीभगत का आरोप लगाकर धोखाधड़ी करने की शिकायत भी की।
महिला वंदना ने बताया कि हम अनपढ़ है और खेत में दिहाड़ी का काम करते हैं। गांव की महिलाओं ने साड़ी के काम के बारे में बताया जिसके बाद अन्य महिलाओं के साथ डाकघर में खाता खुलवाया। मेरे खाते में एक लाख रूपए आए और धोखे से निकाल भी लिए गए। इसी तरह किसी के खाते में 15 तो किसी के 18 हजार आए तो किसी के खाते में 91 हजार रूपए तक आए। लेकिन सभी से फर्जीवाड़ा किया गया। जबकि रूपया भी हमने नहीं निकाला।
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