पलियाकलां। कोरोना संक्रमण के दौरान पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ अपने दायित्व को निभा रहीं महिलाएं समाज के लिए अपराजिता बनी हुई हैं। बढ़ती कोरोना संक्रमितों की संख्या के बावजूद एएनएम, आशा और डॉक्टर सभी अपनी ड्यूटी सजगता से निभा रहे हैं। ऐसी ही कुछ महिला कोरोना योद्धाओं से बातचीत की तो उन्होंने अपने परिवार की जिम्मेदारी निभाने के साथ अपने दायित्वों के बारे में बताया कि किस तरह वह लोगों को कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक कर रहीं हैं।
एएनएम पायल शर्मा का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए लोगों को मास्क पहनने, घरों से कम बाहर निकलने तथा अच्छी तरह से हाथ धोने के बारे में बताती हैं। पायल ने कहा ऐसे में भी घर परिवार के प्रति स्वयं और उनकी सुरक्षा के प्रति गंभीर रहते हुए दायित्वों का निर्वाह कर रहीं हैं।
आशा सुनीता देवी बताती हैं कि गांव में लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक कर रही हैं और सभी को कोरोना के लक्षण होने पर सीएचसी पहुंचकर जांच कराने और डॉक्टर से परामर्श लेने की सलाह दे रहीं हैं ताकि अगर वह पॉजीटिव भी हैं तो ज्यादा से ज्यादा लोग उनके संपर्क में न आ सकें। इसके अलावा ड्यूटी के साथ-साथ पारिवारिक जिम्मेदारी भी निभा रहीं हैं।
एएनएम अंजू रानी ने बताया कि वह घर परिवार की जिम्मेदारी संभालने के साथ ही ड्यूटी के प्रति भी काफी सजग हैं। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से निपटने के लिए लोगों को ‘घर में रहें सुरक्षित रहें’ का पाठ पढ़ाकर जागरूक कर रहीं हैं। हाथों को बार-बार धोने व मास्क लगाने की भी लगातार सलाह दी जा रही है।
सीएचसी में तैनात डॉ. हेमलता ने बताया कि अस्पताल में काफी संख्या में मरीज आते हैं। वह उन्हें कोरोना से सुरक्षित रहने के प्रति जागरूक करती हैं और कोरोना के लक्षणों के बारे में भी बताती हैं, ताकि भविष्य में अगर कोरोना के लक्षण दिखें तो वह समय से अस्पताल पहुंचकर जांच करा सके। इसके अलावा परिवार के संबंध में भी जागरूक हैं।