रुबानी से किया प्रेम विवाह
पहले तो वह कुछ पैसे कमा लेने के बाद घर वापस लौट आना चाहता था, पर कुछ महीनों बाद मल्लावां, हरदोई की रुबीना से उसका प्रेम प्रसंग हो गया। इसके बाद असालत ने रुबीना से शादी कर ली और उसके साथ कुछ साल लखनऊ में ही रहा। इसके बाद दोनों गाजियाबाद जाकर वहां रहने लगे। उनके चार बच्चे भी हो गए। बताया जा रहा है कि असालत अपने घर नहीं लौटना चाहता था, पर पिछले कुछ समय से रुबीना यहां आने के लिए उस पर दबाव बना रही थी। इसी के चलते वह वापस लौट आया।
मुआवजा व आजीवन खर्च उठाने की मांग
असालत के वापस लौटने के बाद उसकी पहली पत्नी सुफिया ने मांग की है कि जो 15 वर्ष उसने व उसके बच्चे ने अकेले काटे हैं, उसका मुआवजा असालत दे। साथ ही उसका व पुत्र अल्तमश का जीवत रहने तक का खर्चा उठाए। उधर असालत के ससुर कल्लन बेग ने बताया कि उनकी लड़कियों की शादी नहीं हो रही थी। लोग कहते थे इस घर में शादी नहीं करेंगे, यहां तो दामाद ही मार डाले जाते हैं। उन्होंने रोते हुए कहा कि जिंदा रहते उन पर लगा कलंक अब साफ हो गया।
नीमगांव थाने के प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार धीमान ने कहा कि मुकदमा हत्या की धारा में दर्ज हुआ था। 2015 में उस मुकदमे में एफआर लग गई थी। अब कोई अपराध न बनने के कारण असालत को परिजनों को सौंप दिया गया है।