लखीमपुर खीरी। निजी अस्पताल में इलाज के बाद एक और मौत होने का मामला सामने आया है। रामापुर स्थित इस अस्पताल में ऑपरेशन के बाद महिला की हालत गंभीर होने पर लखनऊ के एक अस्पताल भेजा गया, वहां भी कोई राहत नहीं मिली तो परिजन उसे घर ले आए।
मंगलवार सुबह घर पर ही महिला की मौत हो गई। मृतका के पति का आरोप है कि निजी अस्पताल के चिकित्सक ने ऑपरेशन के नाम पर हजारों रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित पति ने डीएम से न्याय की गुहार लगाई है। डीएम के आदेश के बाद सीएमओ ने पैनल से पोस्टमॉर्टम कराने और जांच के लिए दो सदस्यीय टीम का गठन किया है।
नकहा निवासी मिलन ने बताया कि उसकी पत्नी पीताम्बरी के पेट में दर्द होने की शिकायत के बाद उसका 14 अगस्त को अल्ट्रासाउंड कराया गया था। रिपोर्ट आने के बाद पता चला कि पीताम्बरी डेढ़ महीने के गर्भ से थी, लेकिन बच्चा असुरक्षित होने के चलते चिकित्सक ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी तो 15 अगस्त को पीताम्बरी को जिला महिला अस्पताल लेकर गया, लेकिन चिकित्सक न होने की वजह से उसे रामापुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
वहां 15 अगस्त को चिकित्सकों ने पीताम्बरी का ऑपरेशन करते हुए 23,500 रुपये ऐंठ लिए। 16 अगस्त को हालत बिगड़ने पर चिकित्सक ने हाथ खड़े कर दिए और उसे लखनऊ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। लखनऊ के चिकित्सक ने भी 32 हजार रुपये जमा कराए। आरोप है कि वहां भी पीताम्बरी का इलाज नहीं हुआ।
महिला की हालात बिगड़ने के साथ ही रुपयों की व्यवस्था न होने के चलते उसे डिस्चार्ज कर दिया। इसके बाद पीड़ित पति ने किसी तरह लखनऊ के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां पर कुछ दिन इलाज चला, लेकिन रुपयों के अभाव में वह उसे वहां से डिस्चार्ज कराकर घर ले आया।
मिलन के अनुसार, मंगलवार की सुबह पीताम्बरी ने दम तोड़ दिया। इधर, पीड़ित पति सहित अन्य परिजन पीताम्बरी के शव को लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम से गुहार की। डीएम ने सीएमओ को मामले की जांच और कार्रवाई करने का आदेश दिया। हालांकि मौत की पुष्टि को लेकर पीताम्बरी को सीएमओ जिला महिला अस्पताल ले गए। मौत की पुष्टि होने के बाद पैनल से उसका पोस्टमॉर्टम कराया गया।
गिरवी रख दिया पांच बीघा खेत, फिर भी नहीं बच सकी जान
इलाज के नाम पर हजारों खर्च होने के बाद भी पीताम्बरी की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। लगातार बिगड़ रही हालत और रुपयों का इंतजाम न होने के चलते पीताम्बरी के पति मिलन ने इलाज कराने को लेकर अपने व अपने भाईयों के हिस्से का पांच बीघा खेत गिरवी रख दिया, जो रुपये मिले उससे पीताम्बरी का लखनऊ के केजीएमऊ में इलाज कराया। मेडिकल काॅलेज में भर्ती कराने के बाद गलत आपरेशन और इलाज होने के चलते गुर्दे सड़ जाने की बात पता चली। इसी के चलते पीताम्बरी की जान चली गई।