उचौलिया। थाना क्षेत्र के गांव डुडौलिया में 19 जुलाई को बच्चे का एक सा नाम रखने को लेकर दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में महिला का गर्भपात हो गया था। इलाज के दौरान उसकी भी लखनऊ में मौत हो गई।
रामवीर ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसका एक बेटा आर्यन है। दूसरे पक्ष के भी बेटा होने पर उन्होंने भी उसका आर्यन रखा था। इसका विरोध भाई की पत्नी सपना ने दूसरे पक्ष से किया। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर बालकराम, रामऔतार और कमलेश आदि ने सपना पत्नी विमलेश, प्रीति पत्नी सतीश और विमलेश के साथ मारपीट की थी।
आरोप है कि मारपीट में सपना का गर्भपात हो गया था। उसकी हालत खराब होने पर मोहम्मदी और हरदोई, शाहजहांपुर में उपचार कराया। मगर उसकी हालत में कोई सुधार न होने पर लखनऊ रेफर कर दिया गया। जहां उपचार के दौरान बृहस्पतिवार रात सपना की मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर शुक्रवार सुबह उचौलिया थाने पहु़ंचे।
रामवीर ने आरोप लगाया कि सपना (28) का छह माह का गर्भपात होने और भाई का हाथ टूटने के बावजूद पुलिस ने केस में संबंधित धाराएं नहीं बढ़ाईं। उन्होंने पोस्टमाॅर्टम कराने में भी पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। बताया कि वह लोग सुबह 10 बजे पोस्टमाॅर्टम हाउस पहुंच गए। मगर पंचनामा लेकर पुलिस तीन बजे तक नहीं पहुंची। इससे वह आज सपना का अंतिम संस्कार भी नहीं कर पाएंगे।
शादी के नौ साल बाद मां बनने वाली थी सपना
-शादी के नौ साल बाद सपना को मां बनने का सुख मिलने जा रहा था। इसको लेकर विमलेश और सपना समेत घर के सभी लोग बेहद खुश थे। तीन माह बाद होने वाले बच्चे को लेकर दोनों ने तमाम सपने संजोए थे। मामूली बात पर हुई कहासुनी ने उन सपनों को तोड़ दिया। मारपीट से छह माह की गर्भवती सपना की हालत गंभीर हो गई। डाॅक्टर उसके बच्चे को बचा नहीं सके। इसके बाद सपना की हालत भी बिगड़ती चली गई। करीब 25 दिन तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद उसने दम तोड़ दिया।
सीओ मोहम्मदी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि सपना के पति विमलेश के प्रार्थनापत्र के आधार पर मारपीट के मामले में दो महिला और दो पुरुष आरोपियों का नाम केस में बढ़ाया गया है। शव का पोस्टमाॅर्टम कराया जा रहा है।
मृतक सपना की फाइल फोटो