मैगलगंज। करवाचौथ पर जहां विवाहिताएं निर्जला व्रत रखकर पति के प्रति अपना त्याग और समर्पण दर्शाती हैं, वहीं दो महिलाएं अपने-अपने पतियों को किडनियां दान देकर समर्पण की मिसाल बन गईं हैं। अब दोनों दंपती स्वस्थ हैं। चिकित्सकों के कहने पर एहतियात बरत रहीं हैं। एक-दूसरे की देखभाल करने से उन्होंने दांपत्य संबंध को और उन्नत बनाया है। करवाचौथ पर जानते हैं इस अटूट संबंध का प्रेरणादायक किस्सा...(संवाद)
नीतू ने पति विमलेश को दी किडनी
मैगलगंज निवासी विमलेश गुप्ता गुड़ का कोल्हू चलाते हैं। सात साल पहले उनकी तबीयत खराब हो गई थी। जांच के बाद चिकित्सक ने बताया कि उनकी दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं। किडनी ट्रांसप्लांट जरूरी है। विमलेश की पत्नी नीतू ने जांच कराई तो उनकी किडनी विमलेश से मैच हो गई। इसके बाद सभी तकलीफदेह जांचों से गुजरते हुए नीतू ने एक किडनी देकर विमलेश को नया जीवन दिया। लखनऊ में प्रारंभिक उपचार के बाद दिल्ली के अस्पताल में 25 अगस्त 2018 को किडनी ट्रांसप्लांट की गई। इस प्रक्रिया में 15 लाख रुपये तक का खर्चा हुआ। अब दोनों स्वस्थ्य हैं। वे बताते हैं कि उनकी शादी को 24 वर्ष हो गए हैं। एक-दूसरे की देखभाल करके उनका रिश्ता उन्नत हुआ है।
नीलम ने पति दीपेश को दी किडनी
मैगलगंज निवासी दीपेश मिश्रा एक कंपनी में ठेकेदार हैं। पांच साल पहले उनको जानकारी हुई कि उनकी किडनियां खराब हो गईं हैं। किडनी ट्रांसप्लांट आखिरी विकल्प है। जानकारी होने पर उनकी पत्नी नीलम मिश्रा ने अपनी किडनी दान करने का फैसला किया। तकलीफदेह जांचों के बाद पता लगा कि उनकी किडनी दीपेश से मैच नहीं हुई। उन्होंने अपनी किडनी के बदले दीपेश की किडनी से मैच होने वाली किडनी की मांग की। इस बीच दो साल तक दीपेश की डायलिसिस कराई गई। दिल्ली के एक निजी अस्पताल में किडनी स्वैप हुई और 19 दिसंबर 2021 को ट्रांसप्लांट की गई। इस प्रक्रिया में 30 लाख रुपये खर्च हुए। वे बताते हैं कि उनकी शादी को 25 वर्ष हो गए हैं। उनका दांपत्य प्रेम और गहरा गया है।
प्रेमानंद महाराज को किडनी दान करने की पेशकश
मितौली। कस्बे के समाजसेवी और पत्रकार रमेश चंद्र शुक्ल ने वृंदावन (मथुरा) के रहने वाले प्रेमानंद महाराज को अपनी एक किडनी दान करने की पेशकश की है। इस संबंध में उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि वीडियो की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती है। संवाद
दीपेश मिश्रा एवं नीलम मिश्रा