पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क की तरफ से वन्यजीवों को जंगल के अंदर सीमित रखने के लिए जंगल से सटे आबादी वाले क्षेत्रों में तार फेंसिंग कराई गई है, लेकिन यह भी कामयाब साबित होती नहीं दिख रही है।
इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चौखड़ा फार्म में रामबहादुर को मौत के घाट उतारने वाले हाथी तार फेंसिंग को तोड़कर ही खेतों की ओर आए थे। बताया जाता है कि पिछले सालों की तुलना में इस साल नेपाल से बड़ी तादाद में हाथियों का झुंड दुधवा नेशनल पार्क आया है, जो यहां के जंगल में विचरण कर रहा है। इससे पूर्व बड़ी संख्या में करीब तीन साल पहले तक हाथियों का झुंड दुधवा में नहीं आया था।
यह हाथी उग्र होकर तार फेंसिंग को तोड़ते हुए मानव क्षेत्र में प्रवेश कर नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि पार्क प्रशासन की तरफ से फेंसिंग आदि नहीं कराई गई है, लेकिन पार्क सूत्रों की मानें तो बड़ी तादाद में अगर हाथियों का झुंड आता है तो तार फेंसिंग उनके सामने कुछ भी नहीं है। मझगईं क्षेत्र में हुए हमले में भी इस तरह की बातें सामने आई हैं।
दुधवा के डीडी जगदीश आर ने बताया कि तीन से चार झुंड बनाकर हाथी दुधवा में घूम रहे हैं। पिछले सालों में यह समस्या नहीं आई थी, लेकिन इस बार हाथी ज्यादा आए हैं। बाकी डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की तरफ से तार फेंसिंग कराई जाती है और जिस जगह हादसा हुआ है वहां पर भी फेंसिंग थी। इस तरह से हाथियों के हमले की घटनाएं अभी तक नहीं हुई थीं, लेकिन आगे इस पर भी ध्यान देते हुए आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। संवाद