दुधवा में विचरण करता हिरनों का झुंड। स्त्रोत-वन विभाग।
बांकेगंज। पर्यावरणविद एवं वन्यजीव विशेषज्ञ ने छह नवंबर से सैलानियों के लिए दुधवा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व खोले जाने पर आपत्ति जताई है।
पीलीभीत के पर्यावरणविद टीएच खान ने प्रधान मुख्य संरक्षक वन्यजीव एवं वन्यजीव प्रतिपालक को पत्र लिखकर कहा है कि कुछ वन्यजीव चीतल, सांभर, पाढ़ा, बारासिंगा और जंगली सूअर आदि का प्रणयकाल नवंबर माह से चलता है। ऐसे में 15 नवंबर से पहले दुधवा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व को खोला जाना उचित नहीं है।
आमतौर से टाइगर रिजर्व को 15 नवंबर से खोले जाने की परंपरा रही है। इस साल छह नवंबर को दोनों टाइगर रिजर्व को खोले जाने का निर्णय उचित नहीं है। उन्होंने आग्रह किया है कि संबंधित टाइगर रिजर्व 15 नवंबर या 1 दिसंबर से खोले जाएं। संवाद
दुधवा नेशनल पार्क में पर्यटन सत्र के दौरान सैलानियों के लिए जंगल का आंशिक हिस्सा ही खोला जाता है। इससे वन्यजीवों पर कोई प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है।
- ललित कुमार वर्मा, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व