मझगईं के बेला में हाथियों द्वारा रौंदी गई फसल दिखाते ग्रामीण।
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मझगईं। इलाके के बेला खुर्द गांव में जंगली हाथियों ने किसानों की करीब दस एकड़ गेहूं व लाही की फसलों को तहस-नहस कर दिया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। साथ ही हाथियों द्वारा किए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
बेला खुर्द गांव में बृहस्पतिवार की रात पार्क के जंगल से निकलकर आए करीब 25-30 जंगली हाथियों के झुंड ने किसानों के खेतों में जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने करीब दस एकड़ लाही व गेहूं की फसल नष्ट कर दी। किसान राजेंद्र गिरि, दीनबंधू, खूबलाल, सूरजपाल, जीत सिंह, चन्नालाल, अमेरिका, राधेश्याम, दुर्गेश आदि किसानों ने सूचना मिलने के बाद भी वनकर्मियों के न पहुंचने पर प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि रस्सी, तार व अन्य संसाधनों से आवारा मवेशियों से फसल बचाई थी, लेकिन हाथियों ने उनकी फसलों को उजाड़ डाला।
किसानों ने फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की है। इस बावत डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहायक परियोजना अधिकारी राधेश्याम भार्गव ने बताया कि मौके पर जाकर किसानों की फसलों को देखा है। काफी नुकसान हुआ है, जंगल के पास तार फैंसिंग की गई थी, लेकिन मॉनीटरिंग व सफाई न होने से हाथी बाहर आ रहे हैं।