बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी में नायलॉन की रस्सी गर्दन में लिए जंगल में घूम रहा बाघ एक बार फिर पेट्रोलिंग टीमों को गच्चा दे गया। पिछले 24 घंटे के अंदर ना तो बाघ की तस्वीर किसी कैमरे में ट्रैप हुई है और न ही उसके पगचिह्न मिले हैं, जिससे वन विभाग की परेशानी बढ़ गई है। हालात को देखते हुए वन विभाग ने सर्च अभियान का दायरा बढ़ा दिया गया है। संभावित स्थलों पर दस जोड़ी कैमरे और लगाए गए हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व के किशनपुर सेंक्चुरी की कटैया बीट में करीब दस दिन से शिकारियों के चंगुल से छूटा बाघ गर्दन में नायलॉन की रस्सी का फंदा लिए जंगल में घूम रहा है। उसका फंदा निकालने के लिए बाघ को ट्रैंक्युलाइज करने की अनुमति मिलने के बाद सर्च अभियान तेज कर दिया गया था। इस बीच दो तीन बार बाघ की तस्वीरें कैमरे में ट्रैप हुई और पगचिह्न भी दिखलाई पड़े। लेकिन जब तक उसकी घेराबंदी की जाती तब तक वह आंख से ओझल हो गया। पिछले 24 घंटे में बाघ की तस्वीर किसी कैमरे में ट्रैप नहीं हुई है न ही पगचिह्न दिखाई दिए हैं। इससे तरह-तरह की आशंका पैदा हो रही हैं। हालात को देखते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने सर्च अभियान का दायरा बढ़ा दिया है और संभावित स्थलों पर दस जोड़ी कैमरे और लगाए गए हैं। ट्रैंक्युलाइजर टीमें पिछले पांच दिनों से किशनपुर सेंक्चुरी में ही कैंप कर रही हैं। पूरे अभियान का नेतृत्व अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रोजेक्ट टाइगर ) कमलेश कुमार गुप्ता और दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक/ फील्ड निदेशक संजय पाठक कर रहे हैं।
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बाघ की तलाश में रात भर की गई कांबिंग
शुक्रवार को रात में भी जंगल की कांबिंग की गई। इस कांबिंग का नेतृत्व खुद प्रभारी उपनिदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल ने किया। उनके साथ ट्रैंक्युलाइजर टीमें कई अधिकारी और वन कर्मियों की टीमें मौजूद रहीं।
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सैलानियों के लिए खोल दी गई किशनपुर सेंक्चुरी
पिछले तीन दिनों से सैलानियों के लिए बंद पर्यटन को पार्क प्रशासन ने एक बार फिर खोलने का निर्णय लिया है। रविवार से सैलानी किशनपुर सेंक्चुरी का भ्रमण पूर्ववत कर सकेंगे।
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पिछले 24 घंटे के अंदर बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिली है। न तो कैमरे में बाघ की तस्वीर ट्रैप हुई है और न ही पगचिह्न दिखाई दिए है। इसे देखते हुए सर्च अभियान का दायरा बढ़ाने के साथ ही पेट्रोलिंग तेज कर दी गई है। संभावित स्थलों पर 10 जोड़ी कैमरे और लगाए गए हैं।
- डॉ अनिल कुमार पटेल, प्रभारी उपनिदेशक, दुधवा नेशनल पार्क/ डीडी, डीटीआर, बफरजोन
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तेंदुआ सामने देख बिजली कर्मियों के होश उड़े
महंगापुर। अंधरा फार्म में अचानक एक तेंदुआ बिजली कर्मचारियों के सामने आ गया, जिससे अफरातफरी मच गई। सूचना पर ग्रामीण खेत की ओर लाठी-डंडा लेकर दौड़े तब तक तेंदुआ वहां से भाग गया। तेंदुए के डर से ग्रामीण खेतों पर नहीं जा रहे हैं। ग्रामीणों ने तेंदुए को पकड़वाने की मांग वन विभाग से की है।
शुक्रवार को महंगापुर उपकेंद्र के कर्मचारी लाइनमैन विकास, निर्मल सिंह, गुरजीत सिंह बिजली बकाया बिल की जानकारी देने अंधरा फार्म जा रहे थे। जैसे ही तीनों गुरुदेव सिंह के खेत के पास पहुंचे तभी एक तेंदुआ गन्ने के खेत से निकलकर उनके सामने आ गया। इससे वह डर के मारे वापस महंगापुर की ओर भाग आए। सूचना बाकी ग्रामीणों को दी जिसके बाद काफी संख्या में लोग लाठी-डंडा लेकर उस ओर पहुंचे लेकिन तेंदुआ दिखाई नहीं दिया। तेंदुआ खेतों की ओर होने से ग्रामीणों में दहशत फैली हुई है और वे खेतों में जाने से कतराने लगे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुआ पकड़ने की मांग की है।
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ऐंठपुर, घोला, गजरौरा में दिख रहा बाघ
पलियाकलां। इलाके के ऐंठपुर, घोला व गजरौरा इलाके में इनदिनों बाघ दिखने से किसानों व ग्रामीणों में दहशत है। ऐंठपुर में जब से प्रधान के खेत में बाघ दिखा है तब से ही ग्रामीण खेतों में जाने से कतरा रहे हैं। इधर घोला में भी एक तेंदुआ घर में घुसकर कुत्ते का शिकार कर चुका है। इससे यहां के ग्रामीण भी भयभीत हैं। गजरौरा में भी गन्ने के खेतों के पास बाघ दिखाई दिया है, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैली हुई है।
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बाघ होने की अफवाह झूठी निकली
निघासन। शुक्रवार देर शाम कस्बे के श्मशान घाट पर बाघ होने की सूचना पर वनविभाग की टीम ने गन्ने के खेत में कांबिंग की, लेकिन टीम को न पगचिह्न मिले और न ही बाघ दिखाई पड़ा। इसी प्रकार बरोठा में भी दो लोगों पर बाघ के हमले की खबर झूठी निकली।
शुक्रवार को कस्बा निवासी एक व्यक्ति ने दावा किया था कि गन्ने के खेत में उनको बाघ होने का अभास हुआ था। जिसकी सूचना उन्होंने वनविभाग को दी जिसके बाद वन दरोगा शिव बाबू सरोज अपनी टीम के साथ वहां पहुंच गए। उन्होंने कुछ ग्रामीणों की मदद से रात में ही गन्ने के खेत की काबिंग की। इस दौरान वहां पर कुछ नहीं मिला। उसके बाद शनिवार सुबह किसी ने बरोठा के दो लोगों पर बाघ के हमले की अफवाह फैला दी। ग्राम रोजगार सेवक अमर प्रकाश, यूसुफ, चंद्रहास आदि ने बताया कि गांव में किसी प्रकार की कोई घटना नहीं हुई है। पता नहीं कौन अफवाह फैलाकर दहशत पैदा कर रहे हैं। उधर वनविभाग ने भी बरोठा में किसी जंगली जानवर के होने की घटना से इंकार किया है। संवाद