धौरहरा/ईसानगर। गुनापुर बीट में तीन बच्चों को मौत के घाट उतारने वाले तेंदुए ने धौरहरा क्षेत्र के गांव केशवापुर कलां के रिहायसी इलाके में घुसकर एक गाय और महिला पर हमला कर दिया, जिससे दोनों घायल हो गए। जबकि वन विभाग पगमार्क के आधार पर हमलावर हिंसक जानवर को सियार बता रहा है।
कोतवाली धौरहरा के गांव केशवापुर में तेंदुए ने गांव निवासी श्रीकेशन की पत्नी गंगाजली (50) व एक पालतू गाय को हमलाकर घायल कर दिया। पीड़ित के परिजन ने बताया कि शनिवार की सुबह घर के बाहर खूंटे से बंधी पालतू गाय के चिल्लाने की आवाज सुनकर गंगाजली जब घर से बाहर निकली तो पता चला कि तेंदुए ने गाय पर हमला किया है। सामने खड़े तेंदुए को जब उसने भगाने का प्रयास किया तो गाय छोड़कर तेंदुआ गंगाजली पर हमलावर हो गया। तेंदुए ने गंगाजली के घुटनों के ऊपर हमला किया। गंगाजली ने शोर मचाया तो हिंसक तेंदुआ गन्ने के खेतों की तरफ भाग निकला। तेंदुए को दौड़ा रहे कुछ ग्रामीणों ने पुष्टि तेंदुए के रूप में की है। सुबह ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने पगमार्क देखकर सियार होने की पुष्टि की है। तेंदुए के हमले से जहां ग्रामीणों में दहशत है। वहीं वन विभाग ने सियार बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया है। दहशत की वजह से लोग अपने घरों में ही दुबके हुए हैं।
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पिंजड़े के पास आकर लौट गया तेंदुआ
गुनापुर बीट में तीन बच्चों सहित दर्जनों मवेशियों को मौत के घाट उतारने वाला तेंदुआ अभी भी वन विभाग की पकड़ से बाहर है। शुक्रवार को एक बार फिर तेंदुआ वन विभाग द्वारा लगाए गए कैमरे में कैद हुआ। पिजड़े के पास चहलकदमी करने के बाद वापस खेतों की तरफ लौट गया।
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जागरूक करने के लिए वन विभाग ने दिखाई वन्यजीव फिल्म
धौरहरा। वन रेंज के बंशी बेली गांव में वन्यजीवों के बीच रहकर कैसे बचाव करें। इसको लेकर वन विभाग ने वन्यजीव फिल्म दिखाकर ग्रामीणों को जागरूक किया। बंशी बेलागढ़ी के मजरा गांवों में बढ़ते मानव और वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए ग्रामीणों को जागरूक होना जरूरी है। वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह ने बताया कि ग्रामीणों को जंगल के पास रहने के लिए वन्यजीवों के अनुरूप जीवन शैली बदलनी होगी। गांव में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है इसके लिए ग्रामीणों को वन्यजीवों की फिल्म भी दिखाई जा रही है। संवाद