ईसानगर (लखीमपुर खीरी)। जंगलों से निकलकर आबादी की तरफ रुख कर चुके तेंदुए के हमले जारी हैं। तीन बच्चों को मार चुके तेंदुए ने अब खमरिया के सीमावर्ती गांव बैबहा में एक बछड़े का शिकार कर मार डाला। सूचना पर पहुंचीं वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
ईसानगर क्षेत्र के गनापुर बीट में तीन बच्चों को मौत के घाट उतारने के बाद अब आबादी क्षेत्र में भी तेंदुए ने दस्तक दे दी है। खमरिया क्षेत्र के गांव बैबहा में सोमवार की रात आबादी से सटे एक गन्ने के खेत में बछड़े का अधखाया शव पड़ा मिला। जानकारी सुबह तब हुई जब ग्रामीण खेतों की तरफ गए। अधखाया शव देखकर कुछ ग्रामीणों ने गांव जाकर जानकारी दी। सूचना पर पहुंचे वन विभाग की टीम ने पगमार्क देखकर तेंदुआ होने की पुष्टि की है। वन विभाग ने ग्रामीणों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। खासकर 15 साल के बच्चों को खेतों व घर से बाहर न जाने की ताकीद की है। वन विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि तेंदुआ खासकर छोटे बच्चों को अपना शिकार आसानी से बना लेता है। फिलहाल ग्रामीण दहशत में है।
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निघासन: बाघ ने गाय को बनाया निवाला, दहशत
निघासन। धर्मापुर गांव में बाघ ने गाय पर हमला कर उसको मार डाला। घटना की ख़बर मिलने के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पदचिह्नों को देखकर बाघ होने की पुष्टि की है। इस घटना से इलाके में दहशत है।
धर्मापुर गांव निवासी अब्दुल वफा ने बताया कि वह मंगलवार को अपने मवेशियों को चराने के लिए गए थे। इस दौरान गाय अन्य मवेशियों को छोड़कर गन्ने के खेत में पहुंच गई। जहां पहले से घात लगाए बाघ ने गाय पर हमला कर उसको मार डाला। अब्दुल को खेत में गाय का अधखाया शव मिला । जिसके बाद ख़बर मिलने पर मझगईं रेंजर सुभाष कुमार ने टीम के साथ जायजा लिया और पदचिह्नों को देखकर बाघ होने की पुष्टि की। वनविभाग ने लोगों से सतर्क रहने के लिए कहा है। संवाद