ड्रोन कैमरे से निगरानी करता वन विभाग। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
धौरहरा। वनविभाग की तमाम कोशिशों और हिदायतों के बाद भी ग्रामीण सचेत नहीं हैं।15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को भी गन्ने की छिलाई के लिए खेतों की ओर भेज रहे हैं। इधर, दूसरे दिन भी वनविभाग ने हमलावर तेंदुए की ड्रोन कैमरे से निगरानी की, लेकिन तेंदुआ दिखाई नहीं पड़ा। इससे वनविभाग ने राहत महसूस की है।
वनरेंज के गनापुर वन बीट के गांव गुजारा में 11 वर्षीय बच्चे को तेंदुए ने गन्ने के खेत में हमला कर मार डाला था। दुधवा की मचान वाली गाड़ियों के अलावा ड्रोन कैमरे से तेंदुए की टोह ली जा रही है। वन विभाग की हिदायत के बाद भी जान को खतरे में डाल कर ग्रामीण अपने बच्चों को गन्ना काटने खेत में भेज रहे हैं, जिन्हें वनकर्मी बार-बार खेतों से घर भेज रहे हैं, लेकिन लोग मानने की तैयार नहीं है। वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह ने ग्रामीणों से अपील की थी कि वह अपने बच्चों को गन्ने के खेतों में न भेजेें, फिर भी बच्चे की मौत के तीसरे दिन से ही ग्रामीणों ने वन क्षेत्राधिकारी की बात को नजरअंदाज कर दिया और खेतों में गन्ना काटने के लिए बच्चों को भेजने लगे। वन कर्मचारियों ने खेतों में गन्ना की कटाई कर रहे कई बच्चों को घर वापस भेजा। शुक्रवार को वन विभाग और दुधवा टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम ने मचान वाली गाड़ियों से गश्त करते हुए ड्रोन कैमरे से तेंदुए की टोह ली। वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह ने बताया कि पिंजड़े लगाकर कैमरे चालू कर दिए हैं। साथ ही ड्रोन कैमरे से तेंदुए की टोह ली जा रही है। तेंदुए को ट्रैंकुलाइज करने की अनुमति आने पर उसे बेहोश कर पकड़ा जाएगा। संवाद