धौरहरा (लखीमपुर खीरी)। धूसाखुर्द गांव में चार दिन पहले एक किसान के खूंटे पर बंधी बछिया को निवाला बनाने वाले मादा तेंदुए ने अब पड़ोस के गांव सहबाजपुर के निकट गन्ने के खेत में लावारिस गाय को मार डाला। ग्रामीणों ने सूचना वन विभाग को दी। वन टीम ने गन्ने के खेत से अधखाया शव बरामद किया है। घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।
धौरहरा वनरेंज के गांव सहबाजपुर के गन्ने के खेत में मादा तेंदुआ एक शावक के साथ पांच दिनों से डेरा डाले हैं। चार दिन पहले उसने गांव के ही किसान की बछिया को मार डाला था। इसके बाद सक्रिय हुए वनविभाग ने नाइट वीजन कैमरे लगाए थे। मादा तेंदुआ लगातार गन्ने के खेत के आसपास घूमती दिखाई पड़ रही है। रविवार की रात मादा तेंदुए ने लावारिस गाय को मार डाला। ग्रामीण सुबह जब खेतों की ओर गए तो उसका अधखाया शव देखा। इससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वनविभाग की टीम ने गाय का अधखाया शव बरामद कर मौका मुआयना किया। चार दिन पहले यही तेंदुआ धूसाखुर्द गांव में एक किसान के खूंटे पर बधी बछिया को उठा ले गया था। क्षेत्र में गन्ने की फसल की बहुतायत और नाले का पानी तेंदुए की पसंद बनती जा रही है। ऊपर से शिकार के लिए घूमते लावारिस पशु तेंदुए को टिके रहने में मदद कर रहे हैं। वन विभाग की टीम बंशीबेली में 15 कैमरे और तीन पिंजड़े लगा कर तेंदुआ पकड़ने को पेट्रोलिंग कर रही है। चालक तेंदुआ डेढ़ माह बाद भी पकड़ से बाहर है। वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह का कहना है कि तेंदुए को पकड़ने के उपाय किए जा रहे हैं। तेंदुआ पिंजड़े के पास आता और फिर चला जाता है। संवाद