ममरी। शुक्रवार सुबह महेशपुर रेंज के जंगल से नीलगाय के बच्चे का पीछा करते हुए सुभाष नगर फार्म निवासी सरदार रामसिंह के झाले पर जा पहुंचे बाघ को देख झालास्वामियों के होश उड़ गए। नीलगाय के बच्चे ने हांफते हुए झाले में घुसकर अपनी जान बचाई। झाला वासियों के शोर मचाने, आग जलाने पर बाघ वहां से वापस जंगल की ओर चला गया। गनीमत रही उस समय कोई खेतों में नहीं था।
सूचना पर फॉरेस्टर जगदीश वर्मा, श्याम किशोर शुक्ल के साथ पहुंचे वनकर्मियों ने जब निरीक्षण किया तो खेत में बाघ के ताजे पगचिह्न बने मिले और नीलगाय का बच्चा झाले पर पड़ा मिला। वन कर्मियों ने नीलगाय के बच्चे का रेहरिया पशु चिकित्सालय में इलाज कराया और फिर जंगल में छोड़ दिया। बाघ के झाले में घुसने से झालावासियों में दहशत फैल गई है। वन कर्मियों ने उन्हें सतर्क रहने, खेतों में समूह बनाकर जाने की सलाह दी है। झालावासियों का कहना है कि इससे पहले भी बाघ झाले में घुस चुका है, यहां से जंगल की दूरी एक किलोमीटर बताई गई है।
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दस दिन से दिखाई दे रहा तेंदुआ, बाल-बाल बचे बाइक सवार
गुलरिया। क्षेत्र में दो शावकों के साथ तेंदुआ देखे जाने की खबरें लगातार मिल रही हैं, लेकिन शुक्रवार को तेंदुआ बाइक सवारों को दस मीटर दूर से दिखाई देने के बाद गन्ने के खेतों में चला गया। जंगल के किनारे बसे गांवों गोंधिया, रायपुर, बैबहा मुन्नूसिंह, जंगलीनाथ, बनघुसरी आदि गांवों से लगातार तेंदुआ देखे जाने की खबरें मिल रही थीं, लेकिन शुक्रवार की सुबह गोंधिया निवासी दो लोग गुरसाहिब सिंह और हीरा सिंह एक बाइक पर सवार होकर अपने खेतों की तरफ जा रहे थे। चकरोड पर बाइक मोड़ते ही दस मीटर की दूरी पर तेंदुआ बैठा दिखाई दिया, जिसे देखते ही दोनों भाइयों के होश उड़ गए। तेंदुआ देख दोनों भाई पीछे पैदल भागे। तेंदुआ आराम से टहलता हुआ गन्ने के खेत में चला गया। लोग बताते हैं कि कई एकड़ गन्ने के खेत होने की वजह से तेंदुआ गन्ने में चला गया। तेंदुआ ने बैबहा मुन्नूसिंह में ट्यूबवेल पर एक कुत्ते को मार डाला था।
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वर्जन-
तेंदुआ लगातार देखा जा रहा है, वन वाचरों को अक्सर मिल जाता है, लेकिन अभी तक कहीं से हमला करने की कोई सूचना नहीं है। शावकों के साथ तेंदुआ पहली बार देखा गया है। वैसे दो या तीन तेंदुए जंगल में मौजूद हैं ।
राजकुमार दोहरे, वनरक्षक रायपुर बीट