मौठीखेड़ा में बाघ के पगचिह्न देखते लोग।
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ममरी। शनिवार की रात मौठीखेड़ा निवासी सरदार बलविंदर सिंह के झाले में घुस आए बाघ ने खूंटे से बंधे पशुओं पर हमला करने की कोशिश की। झाला वासियों के शोर मचाने, आग जलाने पर बाघ गन्ने के खेत में घुस गया। रविवार सुबह बाघ के पगचिह्न बने मिले। सूचना मोहम्मदी रेंज के वन कर्मियों को दे दी गई है।
मोहम्मदी रेंज की देवीपुर बीट जंगल से 500 मीटर दूर बसे मौठीखेड़ा निवासी सरदार बलविंदर सिंह, निर्मल सिंह, जोगिंदर सिंह आदि ने बताया कि शुक्रवार की रात जंगल से निकला तेंदुआ झाले के गेट पर आ पहुंचा। कुत्तों के भौंकने पर जागे झाला वासियों के टॉर्च जलाने, शोर मचाने पर तेंदुआ वहां से वापस चला गया। बताया कि अभी लोग दहशत से उबर भी नहीं पाए थे कि शनिवार की रात एक बाघ फिर झाले पर आ पहुंचा और खूंटी से बंधे पशुओं पर हमला करने की कोशिश करने लगा पशुओं के रंभाने पर जागे झाला वासियों ने जब बाघ खड़ा देखा तो उनके होश उड़ गए जिनके शोर मचाने, आग जलाने पर बाघ थोड़ी दूरी पर गन्ने खेत में घुस गया, जो अभी तक गन्ने में मौजूद है। झाला वासियों का आरोप है कि वनकर्मियों को सूचना देने का प्रयास किया लेकिन किसी वनकर्मी का फोन नहीं उठा, जिससे वहां दहशत का माहौल है। इधर फॉरेस्टर जगदीश वर्मा का कहना है कि रविवार सुबह बाघ के झाले में घुसने की सूचना मिली है। वनकर्मियों को वहां भेज कर दिखाया जा रहा है। उन्होंने झाला वासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।