निगरानी करती वन कर्मियों की टीम।
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बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की भीरा रेंज की चक बीट जंगल से सटे गन्ने के खेतों में बाघिन के दो शावक विचरण करते देखे जाने के बाद निगरानी में जुटी वन विभाग की टीम को बाघिन की न तो लोकेशन ही मिली है और न ही पगचिह्न। बावजूद इसके आबादी के निकट गन्ने के खेतों में बाघिन होने की आशंका के चलते ग्रामीणों में दहशत है।
डीटीआर बफरजोन के डीडी डॉ अनिल कुमार पटेल ने बताया कि भीरा रेंज की चक बीट से सटे मेड़ईपुरवा गांव में आबादी के पास गन्ने के खेत में दो शावकों संग बाघिन देखे जाने की सूचना मिली थी। वन कर्मियों की टीम गठित कर बाघिन और शावकों की निगरानी के निर्देश दिए गए थे। चक और उससे सटी पड़रिया बीट में दो दिन लगातार हुई कांबिग के बाद गठित टीम को बाघिन और शावकों की न तो लोकेशन मिली और न ही पगचिह्न। फिर भी उनकी निगरानी कराई जा रही है। उधर, ग्रामीण वन विभाग की बातों पर यकीन नहीं कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि बाघिन अपने दो शावकों संग गन्ने के खेतों में ही विचरण कर रही है। दो दिन पहले ग्रामीणों को खेतों की मेड़ पर बाघिन शावक उछल-कूद करते दिखाई पड़े थे। इससे वे वहां से उल्टे पैर लौट आए थे। ऐसे में गन्ने के खेतों में बाघिन होने की आशंका के चलते लोगों की नींद उड़ी हुई है।