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चप्पे-चप्पे की खाक छान रहे एसटीपीएफ के जवान

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बांकेगंज से सटे बरौंछा नाला क्षेत्र में संयुक्त कांबिग करते वन कर्मी,साथ में एसटीपीएफ के जवान। - फोटो : LAKHIMPUR
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज जंगल से सटे खेत में बाघिन के शिकार के मामले में जांच प्रक्रिया तेज हो गई है। वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ-साथ स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (एसटीपीएफ ) के सीओ के नेतृत्व में जवान घटनास्थल के अलावा बरौंछा नाला क्षेत्र के आसपास छानबीन कर चप्पे-चप्पे की जानकारी जुटा रहे हैं।
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11 अगस्त को बांकेगंज के निकट मैलानी रेंज की जटपुरा बीट जंगल से सटे चरी के खेत में बाघिन का शव मिलने के बाद सकते मेें आए डीटीआर प्रशासन सतर्क हो गया है। इस मामले में वन विभाग ने आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार कर उन्हें वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत जेल भेजा है। करीब एक हफ्ते से ट्रेनी आईएफएस/ प्रभारी रेंजर मैलानी राजेश कुमार, एसडीओ बफरजोन दिलीप श्रीवास्तव के अलावा वन कर्मियों और स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (एसटीपीएफ ) सीओ अभिनव यादव जवानों के साथ सुराग तलाशने में जुटे हुए है। बरसात का मौसम होने के कारण बाघिन के पगचिह्न न मिलने और सुराग मिट जाने से जांच में दिक्कत आ रही हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने रविवार को जहां ड्रोन उड़ाया और उससे सुराग लगाने की कोशिश की, सोमवार को एसटीपीएफ के जवानों के साथ बरौंछा नाला और उसके आसपास पूरे क्षेत्र को खंगाला गया। हालांकि अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। बावजूद इसके वन विभाग और एसटीपीएफ के जवान चप्पे-चप्पे की खाक छानते हुए बाघिन की हत्या का सुराग तलाशने को पसीना बहा रहे हैं।
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