बांकेगंज। कोरोना संक्रमण के चलते दुधवा टाइगर रिजर्व के सभी संवेदनशील रास्तों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब अफसरों और वन कर्मियों के अलावा कोई भी बाहरी व्यक्ति संबधित रास्तों से जंगल में किसी भी दशा में प्रवेश नहीं कर सकेगा। इसके साथ ही वन विभाग पेट्रोलिंग तेज कर यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी व्यक्ति किसी भी स्थिति में जंगल में प्रवेश न करने पाए।
डीटीआर के एफडी संजय पाठक ने दुधवा नेशनल पार्क, बफरजोन और कतर्निया घाट (वन्यजीव विहार) के सभी वनाधिकारियों को वन और वन्यजीवों की सुरक्षा प्रबंधों को मजबूत करने के निर्देश जारी किए है। उन्होंने वन्यजीवों को करोना संक्रमण से बचाने के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) से जारी गाइड लाइन के अनुसार किए जा रहे सुरक्षा उपायों के तेज करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि डीटीआर जंगल से होकर गुजरने वाले सभी संवेदनशील रास्तों को पूरी तरह बंद कर दिया जाय, ताकि जंगल में कोई भी अपराधी घुसपैठ न कर सके। उन्होंने कहा कि वनाधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा कोई भी व्यक्ति संबधित रास्तों से न निकल सके। उन्होंने जंगल की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जंगल में गश्त तेज करने के निर्देश दिए है। जिस पर अधिकारियों ने अमल भी शुरू कर दिया है।
दुधवा टाइगर रिजर्व जंगल से होकर गुजरने वाले सभी संवेदनशील रास्तों पर आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। केवल आपातकालीन स्थितियों जैसे बीमारी या अन्य कोई स्थिति और प्रशासनिक गतिविधियों के लिए सीमित मात्रा में ही छूट दी जाएगी। यह कदम वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के मद्देनजर उठाया गया है।
- संजय पाठक, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व