गोला गोकर्णनाथ। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक केपी दुबे ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ गोला वन रेंज के तेंदुआ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर क्षेत्रवासियों को जागरूक किया। वन्य जीव प्रतिपालक ने बताया कि डब्ल्यूटीआई सहित कई पार्टी सक्रिय हैं। यदि तेंदुआ नहीं पकड़ा गया तो उसे ट्रेंक्युलाइज कर पकड़ा जाएगा।
गोला वन रेंज में दो माह से तेंदुए का आतंक व्याप्त है। पूर्वी और पश्चिमी बीट में पुनर्भू ग्रंट, जमुना बाद फार्म के प्रखंड तीन और छह, रजा नगर बीट रसूलपुर जंगल और बजाज चीनी मिल के कृषि फार्म में तेंदुआ हमला कर पांच लोगों की जान ले चुका है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव एवं वन्य जीव प्रतिपालक केपी दुबे ने बताया कि गोला वन रेंज में टाइगर भी है। तेंदुआ टाइगर से दूर रहता है और जिन स्थानों पर घटनाएं हुई हैं, वहां का वातावरण तेंदुए के लिए उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों के आवास स्थल में व्यवधान पड़ा है। मानव की आबादी और बस्ती बढ़ी हैं। जंगलों के आसपास के माहौल में परिवर्तन हुआ है।
लोगों को अपनी आदतों में भी परिवर्तन करना होगा। शौच के लिये बाहर न जाएं। अधिकारियों ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने और कांबिंग करने के लिए दुधवा से दो प्रशिक्षित हाथी मंगाए गए हैं। यदि तेंदुआ नहीं पकड़ा गया तो उसे ट्रेंक्युलाइज कर पकड़ा जाएगा। इस मौके पर डीएफओ दक्षिण संजय विश्वाल, डीएफओ नार्थ सुंदरेष, डब्ल्यूटीआई के डॉ खनिन, ट्रेंक्युलाइज टीम के डॉ. दक्ष गंगवार आदि मौजूद रहे।
उम्र दराज और शारीरिक रूप से अशक्त है तेंदुआ
मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने बताया कि घटनाओं से प्रतीत हो रहा है कि तेंदुआ उम्रदराज है और शारीरिक रूप से अशक्त है। शायद दांत टूटे हुए हैं। इसलिए वह आसान शिकार कर रहा है। उन्होंने बताया कि तेंदुआ संचयी स्वभाव का नहीं होता। वह अपनी भूख के बराबर शिकार करता है। उसके बाद वह अगले शिकार की तलाश में रहता है।
प्रखंड तीन में तेंदुए की मिली लोकेशन
डीएफओ संजय विश्वाल ने बताया कि राजकीय बीज संवर्धन प्रक्षेत्र जमुना बाद फार्म के प्रखंड 3 में तेंदुए की लोकेशन मिली है। प्रभावित क्षेत्रों में 7 पिछड़े और जमुना बाद में 14, बजाज चीनी मिल के फार्म में छह और रजा नगर बीट के रसूलपुर क्षेत्र में 5 कैमरे लगाए गए।