मितौली। थाना क्षेत्र के पहाड़ापुर गांव के पास नेवरी घाट के रपटा पुल पार कर रहे दो बाइक सवार युवक शुक्रवार सुबह तेज बहाव के चलते बह गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने एक युवक को बचा लिया लेकिन दूसरा युवक डूब गया। 10 घंटे की मशक्कत के बाद उसका शव बरामद हो सका।
नीमगांव थाना क्षेत्र के भूलनपुर निवासी शहबाज पुत्र इस्तियाक और उसका रिश्तेदार शानू पुत्र सलीम निवासी बिसवां जिला सीतापुर शुक्रवार की सुबह अपने घर भूलनपुर से बाइक पर सवार होकर गांव दतेलीकला के लिए निकले थे। सुबह करीब सात बजे वह पहाड़ापुर के रपटा पुल पहुंचे। बताते हैं कि मछुआरों ने नाव या पैदल ही रपटा पुल से निकलने की सलाह दी थी, लेकिन बाइक चला रहे शाहबाज ने किसी की नहीं सुनी और रपटा पुल पार करने की कोशिश करने लगा। जैसे ही वह दोनों पुल के बीच पहुंचे कि तेज बहाव में उनकी बाइक फिसल गई और दोनों युवक बाइक सहित नदी में बहने लगे।
मौके पर मौजूद मछुआरे और ग्रामीण जब तक उनकी मदद के लिए पहुंचे, तब तक दोनों युवक पानी में बहने लगे। मछुआरों और ग्रामीणों ने नदी में रस्सी फेंकी। शानू ने रस्सी पकड़ ली लेकिन शाहबाज नहीं पकड़ सका और डूब गया।
सूचना पर एसडीएम विनीत कुमार उपाध्याय और नायब तहसीलदार प्रज्ञा अग्निहोत्री, थाना प्रभारी सुनीत कुमार मौके पर पहुंचे। करीब चार बजे पलिया से गोताखोर पहुंचे और युवक की तलाश में जुटे। गोताखोरों ने डूबे हुए शहबाज(19) का शव नदी से बरामद कर लिया।
मोबाइल बचाने के चक्कर में चली गई शहबाज की जान
मितौली। पहाड़ापुर गांव के पास सराय नदी के नेवरी घाट पुल पर डूब रहे दोनों युवकों को बचाने के लिए ग्रामीणों और मछुआरों ने नदी में रस्सी फेंक दी थी। शानू ने तो रस्सी का सहारा लेकर किसी तरह अपनी जान बचा ली किंतु मोबाइल के चक्कर में शहबाज (19) रस्सी नही पकड़ सका। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वह एक हाथ से मोबाइल पकड़े था और दूसरे से रस्सी पकड़ने की जद्दोजहद कर रहा था। अगर वह मोबाइल छोड़ रस्सी पकड़ लेता तो बच जाता। मृतक के मा बाप का कहना है कि शहबाज को अपने मोबाइल से बहुत ज्यादा प्रेम था। मोबाइल के चक्कर उसकी जान चली गईं। शव मिलने के बाद परिजनों का रो-रोककर बुरा हाल हो रहा है।
छह घंटे बाद गोताखोर और सात घंटे बाद एनडीआरएफ की टीम पहुंची
मितौली/बेहजम। नेवरी घाट पुल पर डूबे शहबाज की तलाश के लिए स्थानीय पुलिस ने सुबह करीब 10 बजे गोताखोरों व एनडीआरफ टीम को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद भी घंटों तक टीमें मौके पर नहीं पहुंच सकी। जब तक टीमें मौके पर नही पहुंची, तब तक पुलिस और प्रशासन के सहयोग से स्थानीय लोग युवक की तलाश में घंटों जुटे रहे। सूचना मिलने के छह घंटे बाद करीब चार बजे पलिया से गोताखोर पहुंचे और युवक की तलाश में जुट गए। कुछ ही देर में नदी से डूबे हुए शहबाज के शव को बरामद कर लिया। जबकि, एनडीआरफ की टीम सूचना मिलने के सात घंटे बाद करीब पांच बजे घटनास्थल पर पहुंची।