गोला गोकर्णनाथ। राजकीय बीज संवर्धन प्रक्षेत्र जमुनाबाद फार्म के प्रखंड तीन में बाघ के हमले में चौकीदार की मौत के बाद नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने सरकारी नौकरी और मुआवजे की मांग करते हुए बुधवार को हाईवे जाम कर दिया। करीब चार घंटे बाद अधिकारियों के आश्वासन पर परिजन माने, तब जाकर हाईवे खुला और आवागमन बहाल हो सका।
मंगलवार सुबह जमुना फार्म में रात्रि चौकीदार के रूप में काम करने वाले हैदराबाद थाना क्षेत्र के नारायनपुर निवासी 32 वर्षीय यदुनाथ की बाघ के हमले में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार सुबह करीब आठ बजे मृतक के परिजनों पिता रामभजन, पत्नी आशादेवी, भाई श्रवण कुमार, विश्राम कुमार और ग्रामीणों ने करनपुर चौराहे के पास शव रखकर पीलीभीत बस्ती हाईवे जाम कर दिया। रोते-बिलखते परिजन परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, 25 लाख रुपया मुआवजा, मृतक के परिवार को 30 हजार रुपये मासिक पेंशन और आवास की मांग पर अड़ गए। सूचना पर सीओ राजेश कुमार, गोला तहसीलदार विनोद कुमार गुप्ता पहुंचे और परिजनों को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी।
इसके बाद लखीमपुर सदर एसडीएम श्रद्धा सिंह, एएसपी अरुण कुमार सिंह, गोला एसडीएम अनुराग सिंह, सदर तहसीलदार सुशील प्रताप सिंह भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों और परिजनों के बीच करीब चार घंटे तक वार्ता के कई दौर चले, तब जाकर आश्वासन पर बात बनी और परिजन माने। आश्वासन पर परिजन शव को लेकर अंतिम संस्कार के लिए रवाना हुए। करीब बारह बजे हाईवे खुला। इस मौके पर पूर्व विधायक रामसरन, जिला पंचायत सदस्य महेश कनौजिया आदि मौजूद रहे।
इन आश्वासनों पर बनी बात
वन्य जीव-मानव संघर्ष आपदा योजना के तहत पांच लाख रुपये, पारिवारिक लाभ योजना के तहत 30 हजार रुपये एकमुश्त, विधवा पेंशन, आवास, अंतिम संस्कार के लिए तत्काल 10 हजार रुपये, परिवार के एक सदस्य को पौधरोपण की सुरक्षा संविदा वाचर की नौकरी।
‘वन्यजीव-मानव सुरक्षा आपदा योजना के तहत अनुमन्य दिलाने के लिए कल ही प्रक्रिया शुरू कर दी थी। मृतक के परिवार से किसी एक व्यक्ति को पौधरोपण सुरक्षा में संविदा वाचर का काम दिया जाएगा, जिसका प्रस्ताव डीएफओ को भेज दिया गया है।’
- संजीव कुमार तिवारी, रेंजर गोला वन रेंज