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गर्दन में फंदा लिए घूम रहा बाघ और पीछे-पीछे अफसर

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किशनपुर सेंक्चुरी में हालात का जायजा लेते डॉ दुष्यंत,साथ में डीडी दुधवा। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व के किशनपुर सेंक्चुरी में शिकारियों के चंगुल से छूटकर गर्दन में नायलॉन रस्सी का फंदा लिए जंगल में घूम रहे बाघ को 50 दिन बीतने के बाद भी बेहोश नहीं किया जा सका है। स्थिति यह है कि अफसर पीछे-पीछे हैं तो बाघ आगे-आगे।
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किशनपुर सेंक्चुरी में दिसंबर माह में दो शिकारी पकड़े गए थे। जिनके पास से नायलॉन की रस्सी समेत शिकार के उपकरण बरामद हुए थे। इसी दौरान जंगल में लगे एक कैमरे में एक ऐसे बाघ की तस्वीर कैद हुई जिसमें उसकी गर्दन में रस्सी का फंदा पड़ा था। इस पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) ने बाघ को ट्रैंक्युलाइज करने की अनुमति दे दी थी और बाघ की गर्दन से फंदा निकालने के निर्देश दिए थे। तब से ट्रैंक्युलाइज टीमें बाघ को बेहोश करने के प्रयास में हैं लेकिन बाघ है कि वन विभाग के हत्थे नहीं चढ़ रहा और अफसर परेशान होकर घूम रहे हैं।
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टीम लीडर बीमार, अब उत्तराखंड के डॉक्टर दुष्यंत के हाथों में कमान
शायद वन विभाग के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब किसी बाघ को बेहोश करने में इतना लंबा अभियान चलाना पड़ रहा हो। इस दौरान ट्रैंक्युलाइजर टीम का नेतृत्व कर रहे डॉ आरके सिंह बीमार पड़ गए। जिसके कारण उन्हें वापस जाना पड़ गया। अब जिम कार्बेट नेशनल पार्क (उत्तराखंड) के डॉ दुष्यंत को ट्रैंक्युलाइज टीम की कमान सौंपी गई है। जिन्होंने हालात का जायजा लेने के बाद बाघ को बेहोश करने की रणनीत बनानी शुरू कर दी है।
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किशनपुर सेंक्चुरी में पिछले 50 दिनों से ट्रैंक्युलाइज टीम का नेतृत्व कर रहे डॉक्टर आरके सिंह के बीमार पड़ जाने के कारण उन्हें वापस जाना पड़ गया है। अब जिम कार्बेट नेशनल पार्क के डॉ दुष्यंत टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उम्मीद है कि बाघ को जल्द बेहोश कर लिया जाएगा।
- संजय पाठक,मुख्य वन संरक्षक / फील्ड निदेशक,दुधवा टाइगर रिजर्व।
नगरा सलेमपुर और सिंगहा में कई दिनों से दिख रहा बाघ
ग्रामीण दहशत में, वनकर्मी कर रहे कांबिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोला गोकर्णनाथ। गोला रेंज के ग्राम नगरा सलेमपुर में कई दिनों से बाघ की आवाजाही से ग्रामीण दहशत में हें। वनकर्मी रोज कांबिंग करने के साथ ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
नगरा सलेमपुर के सूर्यप्रसाद वर्मा ने बताया कि रविवार की रात बाघ गांव के अंदर घुस आया था, जो लोगों के शोर मचाने पर जंगल की ओर चला गया। रेंजर बनारसीदास शाक्य ने बताया कि वनकर्मियों को कांबिंग के लिए लगाया गया है, जो बाघ को जंगल में खदेड़ने का प्रयास कर रहे हैं। फिर भी ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है।
ममरी। हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव सिगहा में सोमवार की सुबह गन्ने के खेत के ऊपर कौए मंडराते देख गांव वालों को किसी पशु का शव पड़ा होने और वहां बाघ मौजूद होने का आभास हुआ। सूचना पर पहुंचे महेशपुर रेंज के वन कर्मियों, एसटीपीएफ जवानों ने तमाम ग्रामीणों के साथ गन्ने के इर्द-गिर्द काफी देर पेट्रोलिंग की, लेकिन बाघ गन्ने में छुपा रहा।
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बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए सुभाषनगर में लगाए कैमरे
अमीरनगर। मोहम्मदी वन रेंज के सुभाषनगर क्षेत्र के काला फार्म में तीन दिनों से गन्ने के खेत में बाघ डेरा जमाए हुए है। रविवार की शाम छह बजे सड़क पार कर गन्ने के खेत में घुसते हुए बाघ की ग्रामीणों ने फोटो खींच ली थी, जिसके बाद सोमवार को वन विभाग की टीम ने वहां पहुंचकर बाघ प्रभावित इलाके में होर्डिंग लगाकर लोगों को उधर जाने के लिए मना किया।
वन रेंज मोहम्मदी के रेजर मोहम्मद मोबीन आरिफ का कहना है कि बाघ की लोकेशन पता करने के लिए सुभाषनगर में कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही ग्रामीणों को उधर जाने के लिए मना किया गया है। संवाद
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