लखीमपुर खीरी। पति की हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) दिनेश गौतम की अदालत ने दोषी पत्नी सुनीता देवी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार, मोहम्मदी थाना क्षेत्र के विकासनगर मजरा राजापुर बेनी निवासी राजगीर मिस्त्री रीतराम की शादी ग्राम मगरेना निवासी सुनीता देवी से हुई थी। रोजगार के सिलसिले में बाहर रहने के कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।
15 नवंबर, 2023 को दीपावली के दो दिन बाद राजापुर बेनी में शराब और मुर्गे की दावत के दौरान रीतराम का पत्नी से विवाद हो गया। बचाव में आए पुत्र लेखवेंदर की बात भी उसने नहीं मानी। विवाद बढ़ने पर सुनीता ने लाठी-डंडों और बेलचे से हमला कर रीतराम की हत्या कर दी।
मृतक के भांजे सर्वेश ने सुनीता देवी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पोस्टमाॅर्टम में मृत्यु का कारण चोटें पाया गया। इसके बाद पुलिस ने सुनीता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
सुनवाई के दौरान सर्वेश, गोकरन और कटोरी देवी अपने पूर्व बयानों से मुकर गए। कांस्टेबल विशाल कुमार, डॉ. कुलदीप वर्मा, मृतक की बहन विमला देवी, रामगुनी, विमला पत्नी आशाराम, रामनिवास, एसआई रुद्रप्रकाश पांडे और इंस्पेक्टर अंबर सिंह ने अदालत में बयान देकर अभियोजन का समर्थन किया।
साक्ष्यों के आधार पर एडीजे दिनेश गौतम ने शुक्रवार को सुनीता देवी को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।