दोबारा पहुंची टीमें, हटवाया अतिक्रमण, भर ले गईं सामान
प्रशासन ने शहर में दो दिन पहले अभियान चलाकर अस्थाई और स्थाई अतिक्रमण हटाया था। इसके बावजूद पटरी दुकानदारों ने फिर से अपने ठेले और खोमचे लगाकर अतिक्रमण कर लिया। सोमवार को जब एसडीएम के नेतृत्व में टीमें नगरपालिका के साथ जायजा लेने निकली तो टीम को दोबारा अतिक्रमण मिला। इस पर नगरपालिका कर्मचारियों ने अतिक्रमण हटाते हुए ठेेेेले और खोमचों को ट्रॉलियों में भर लिया। इससे पटरी दुकानदारों में हड़कंप मचा रहा।
शहर में शनिवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू हुआ था। एसडीएम सदर के नेतृत्व में पुलिस के साथ निकली नगरपालिका की टीमों ने शनिवार को कचहरी से लेकर जिला अस्पताल रोड का पूरा अतिक्रमण साफ कर दिया था। इस दौरान अतिक्रमण की जद में आए पक्के निर्माण को भी तोड़ दिया गया था। रविवार को अभियान नहीं चला। इसके बाद सोमवार को एसडीएम सदर नागेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस फोर्स के साथ नगरपालिका की टीम ने अतिक्रमण से मुक्त की गईं सड़कों का जायजा लिया। इस दौरान दोबारा अतिक्रमण मिला। इस पर प्रशासन अतिक्रमण हटाते हुए लोगों के खोखे, ठेले आदि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में लादकर पालिका कार्यालय ले गए। इससे फुटपाथ दुकानदारों में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
मुख्य मार्गों पर भारी अतिक्रमण से दिक्कतें
पलियाकलां। मुख्य मार्गों के किनारे ठेला आदि लगाने के साथ ही कई रोड भारी अतिक्रमण की चपेट में हैं, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। कई बार इसकी शिकायत लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से भी की है, लेकिन एक-दो बार अभियान चलाकर दुकानें हटाई जाती हैं। इसके बाद फिर से दुकानें लगी दी जाती हैं।
अतिक्रमण की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। अतिक्रमण की वजह से सड़कें सिकुड़ गई हैं, साथ ही वाहन भी रोड पर खड़ा किए जाने से रोजाना शहर के मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। शहर की स्टेशन रोड पर दोनों तरफ ठेला, वाहनों के साथ ही दुकानों का सामान रोड के किनारे तक सजा दिया जाता है जिससे लोगों को दिक्कतें होती हैं। इसी तरह सिनेमा चौराहा, मेला रोड सहित अन्य कई रोडों का भी यही हाल है। कई बार इसको लेकर लोगों ने शिकायतें भी की हैं, लेकिन एक-दो बार अभियान चलाया जाता है उसके बाद ढील दे जाती है। ढील मिलते ही रोड का फिर से वही हाल हो जाता है।