सर्द हवाओं के बीच सुबह से हो रही रिमझिम बारिश और कई जगह ओले गिरने से
तापमान में अचानक गिरावट आ गई है। बारिश, कड़ाके की ठंड और गलन से जिले भर
में जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। दिन भर आसमान में बादल छाए
रहने से शनिवार को पूरे दिन लोगों को सूरज के दर्शन नहीं हुए। अधिकतर लोग
या तो रजाइयों में दुबके रहे या अलाव ताप कर शरीर को गर्म रखने की कोशिश
में लगे रहे।
शनिवार को सुबह से ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया जो
दिन भर जारी रहा। बारिश के साथ जिले में कई जगह ओले भी गिरे, इससे तापमान
में भारी गिरावट आई। शनिवार को अधिकतम तापमान 19.0 डिग्री और न्यूनतम
तापमान 09.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बारिश के चलते बच्चों को
स्कूल-कॉलेज जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ा।
बांकेगंज। कस्बे में
शनिवार सुबह पांच बजे रिमझिम बारिश के बीच हल्की ओलावृष्टि हुई। इसके चलते
तापमान में आई गिरावट के बाद ठंड का प्रकोप बढ़ गया। इस बारिश से गेहूं की
फसल को फायदा पहुंचा है। ठंड बढ़ने से लोग अलाव तापते नजर आए।
गोला
गोकर्णनाथ। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। दिन में कई बार हुई रिमझिम
बारिश हुई। इससे ठंड बढ़ गई। नगर पालिका परिषद ने कई जगह अलाव जलवाए। ठंड
के कारण बाजार में सन्नाटा पसरा रहा।
मैलानी। मौसम का मिजाज अचानक बदल
जाने के बाद शनिवार सुबह बारिश हुई, जिससे सर्दी बढ़ गई। बारिश के बाद पूरे
दिन आसमान में बादल छाए रहे, जिससे दिन में भी रात का एहसास होता रहा।
पलियाकलां।
दिन भर हुई रिमझिम और बर्फीली हवाओं ने पलिया सहित समूचे क्षेत्र में
सर्दी बढ़ा दी। यहां जारी शीतलहर के चलते अधिकतर लोगों का सारा दिन आग
तापते बीता। बाजारों में सन्नाटा छाया रहा। अभी तक प्रशासन एवं नगर की
सामाजिक संस्थाओं ने न कहीं अलाव जलवाए और न ही कंबलों का वितरण किया।
बाजार में सन्नाटा
सुबह
से बारिश शुरू हो जाने के कारण बाजार में सन्नाटा छाया रहा। शुक्रवार की
सुबह रोज की तरह मजदूर काम की तलाश में सदर चौराहे पर इकट्ठे हुए थे लेकिन
मजदूरों को काम नहीं मिल पाया। इससे उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
बारिश से गेहूं और मसूर की फसल को लाभ
कृषि
वैज्ञानिक डॉ. सुहैल का कहना है कि दिसंबर माह में कोहरे के बाद हुई बारिश
से गेहूं, चना, मटर और मसूर की फसल को काफी फायदा पहुंचा है। गन्नेे की
फसल के लिए भी यह फायदेमंद है लेकिन ओले गिरने से फसलों को कुछ नुकसान हो
सकता है।
बसों और ट्रेनों पर यात्रियों का टोटा
दिनभर बारिश
होने के कारण लोग बाहर निकलने से कतराए। इसके कारण बसों और ट्रेनों पर
यात्रियों का टोटा रहा। अधिकतर बसें खाली ही चलीं। उधर अवकाश का दिन होने
के कारण भी यात्रियों की संख्या कम रही।