लखीमपुर खीरी। धान की खरीद समाप्त होने के बाद अब गेहूं की खरीद होगी। इस बार 134 केंद्रों पर गेहूं खरीदा जाएगा। इस काम के लिए पांच एजेंसियों को लगाया गया है। शासन की ओर से पिछले साल की तुलना में इस बार 160 रुपये अधिक समर्थन मूल्य दिया जाएगा। किसानों को इस बार 2585 रुपये के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।
एक मार्च से गेहूं की खरीद शुरू हो जाएगी। किसान अभी से पंजीकरण कराने लगे हैं। किसानों को उनकी फसल का पूरा मूल्य मिले, इसके लिए विभाग प्रचार-प्रसार में लगा हुआ है। डिप्टी आरएमओ नमन पांडेय ने बताया कि किसान अपनी फसल लेकर केंद्रों पर आएं। बताया कि विक्रय करने के लिए नए किसानों को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा, जबकि पिछले वर्ष विक्रय कर चुके किसानों को अपना पंजीकरण अपडेट करना होगा। भुगतान सीधे किसानों के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। बैंक खाता आधार से जुड़ा होना चाहिए और एनपीसीआई पोर्टल पर मैप होना अनिवार्य है।
-बिचौलियों के झांसे में आने से बचें
गेहूं खरीद शुरू होते ही बिचौलिये भी सक्रिय हो जाते हैं। बिचौलिये गांव-गांव घूमकर किसानों की फसल का भाव लगाते हैं। किसान नकद भुगतान के चक्कर में आसानी से बिचौलियों के झांसे में आ जाते हैं। हाल यह होता है कि बिचौलिये किसान की फसल औने-पौने भाव में बेच देते हैं। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है।
इस तरह से किसान करा सकेंगे पंजीकरण-
जिला खाद्य विपणन अधिकारी नमन पांडेय ने बताया कि किसान जनसेवा केंद्र या मोबाइल एप के माध्यम से किसान खाद्य विभाग के पोर्टल fcs.up.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण या नवीनीकरण कर सकते हैं। ओटीपी आधारित पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है, जिसके लिए वर्तमान मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। यदि बिक्री के समय किसान स्वयं उपस्थित नहीं हो पाते हैं, तो पंजीकरण में परिवार के नामित सदस्य का विवरण व आधार नंबर दर्ज कराना होगा।
-इस बार इन एजेंसियों के इतने केंद्रों पर होगी खरीद-
खाद्य विभाग – 28
पीसीएफ – 39
पीसीयू – 40
यूपीएसएस – 14
भारतीय खाद्य निगम – 13
इन तहसीलों में बनेंगे इतने केंद्र
लखीमपुर – 37
गोला गोकर्णनाथ – 34
पलियाकलां – 12
मोहम्मदी – 17
मितौली – 14
निघासन – 9
धौरहरा – 11