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Lakhimpur Kheri News: रमियाबेहड़ में नहीं बने गेहूं खरीद केंद्र, किसानों में आक्रोश

Fri, 10 Apr 2026 11:14 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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मनेन्दर सिंह
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धौरहरा। रमियाबेहड़ में इस बार एक भी गेहूं खरीद केंद्र न बनाए जाने से किसानों में आक्रोश है। वहीं, धौरहरा और ईसानगर ब्लॉक में बारदाना न होने से सरकारी खरीद व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है। इसके चलते किसानों को गेहूं बेचने के लिए भटकना पड़ रहा। किसानों ने धौरहरा सांसद आनंद भदौरिया से मुलाकात समस्या रखी।
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रमियाबेहड़ ब्लॉक के 48 ग्राम पंचायतों के लिए एक भी केंद्र नहीं है। वहीं धौरहरा में जंगल वाली, धौरहरा, घुरघुट्टा, और हसनापुर सहित मात्र चार सेंटर है, यहां के भी अमेठी सहित करीब चार सेंटर कम कर दिए गए हैं। ईसानगर में सिंगावर, खमरिया पंडित, ईसानगर, रूद्रपुर, कबिरहा, सरैया कलां, मिर्जापुर मल्लापुर सहित सात खरीद केंद्र हैं, लेकिन किसी भी क्रय पर बारदाना नहीं है
किसानों का आरोप है कि जहां एक ओर सरकारी केंद्र संचालक बोरे (बारदाना) की कमी का हवाला देकर खरीद से हाथ खड़े कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बिचौलियों की सक्रियता बढ़ गई है। बिचौलिये किसानों से 2000 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल के बीच गेहूं खरीदकर उनका शोषण कर रहे हैं।
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फोटो- 12
गेंहू से भरी ट्राॅलियां 10 दिन से खड़ी है। रमियाबेहड़ खरीद केंद्र न होने से धौरहरा गए थे, लेकिन वहां पर बोरे न होने की बात कहकर टरका दिया गया। अब बिचौलियों को ही बेचना पड़ेगा।
- रामकृत वर्मा, कफारा-
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ऐसा पहली बार हुआ जब रमियाबेहड़ क्षेत्र में कोई गेंहू खरीद केंद्र नहीं लगा, जो धौरहरा ईसानगर में केंद्र लगे हैं वहां बारदाना नहीं है। अब हम सब अपना गेंहू लेकर कहां जाए
-तरसेन सिंह, कफारा।

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खेत से किसी तहत फसल उठाकर घर ला पाए हैं तो इसे बेचने की समस्या है, सरकारी रेट 2585 बताया जाता है, पर बिचौलिए 2000 रुपये में गेहूं खरीद रहे हैं, सरकारी केंद्र पर बोरे न होने की बात कहकर टरकाया जा रहा है
-नरेंद्र यादव किसान अभयपुर।

फोटो- 10
10 दिन से खरीद केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं, पर हर बार बोरे न होने की बात कही जा रही है, आखिर कब बोरे आएंगे जब हमारा गेहूं खरीदा जाएगा।
- मनेंदर सिंह, किसान


फोटो- 5
भाजपा सरकार किसानों के बजाय बिचौलियों के माध्यम से गेंहू खरीद कर माफिया को बढ़ावा दे रही है। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। किसान आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं। आत्महत्या करने पर विवश है। सपा किसानों के लिए सड़कों पर उतरेगी।
-आनंद भदौरिया, सांसद धौरहरा

वर्जन-
रमियाबेहड़ में किस वजह से खरीद केंद्र नहीं खुले यह जानकारी नहीं है। बोरे क्रय केंद्रों पर जल्द पहुंचे इसके लिए विपणन अधिकारी को कहा है।
-शशिकांत मणि, एसडीएम धौरहरा
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किसानों की मुसीबत बना खेतों में भरा पानी



फोटो-15



बांकेगंज। खेतों में भरा बारिश का पानी किसानों की मुसीबत बन गया है। जल निकास की समस्या के चलते तीसरे दिन शुक्रवार को लोगों ने पंपिंग सेट के जरिये पानी को निकालने में जुट हुए हैं। बूधरपुर गांव के निवासी प्रमोद कुमार, गेंदनलाल आदि ने बताया कि खेतों में बिछी पड़ी गेहूं के खेतों में जलभराव के चलते फसल कटाई की समस्या पैदा हो गई। इसके चलते लोग मंहगा डीजल खरीदकर पंपिंगसेट के जरिये पानी निकाल रहे हैं। बारिश से भीगी फसल कटाई के लिए किसानों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। संवाद

मनेन्दर सिंह

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